अपेक्स बैंक राष्ट्रीयकृत बैंकों के मापदंड अपनाएगा: अशोक सिंह

अपेक्स बैंक के नए प्रशासक के सामने हैं वित्तीय प्रबंधन की बड़ी चुनौतियां

साक्षात्कार
विजय कुमार दास

मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बैंक के नवनियुक्त प्रशासक एवं ग्वालियर लोकसभा के उम्मीदवार रह चुके अशोक सिंह के सामने अपेक्स बैंक को लेकर वित्तीय प्रबंधन सबसे बड़ी चुनौती है। अशोक सिंह का मानना है कि अपेक्स बैंक भले ही रिजर्व बैंक की गाइड लाइन को अपनाता है, लेकिन जिला सहकारी बैंकों की कार्यशैली में प्रशासनिक सुधार की आवश्यकता है। अपेक्स बैंक के नवनियुक्त प्रशासक ने आज राष्ट्रीय हिन्दी मेल के इस प्रतिनिधि से कहा कि अब अपेक्स बैंक भी राष्ट्रीकृत बैंकों के मापदंड पर संचालित किया जाएगा।
अशोक सिंह ने बताया कि अपेक्स बैंक का टर्न ओवर वर्तमान में 15 हजार करोड़ रुपये प्रति वर्ष है, लेकिन जिला बैंकों के माध्यम से किसानों के लेन-देन का कारोबार 25 हजार करोड़ से ऊपर है। कुल मिलाकर अपेक्स बैंक लगभग 40 हजार करोड़ से अधिक का कारोबार संपादित करता है। अशोक सिंह ने कहा कि 2 लाख तक के कर्ज माफी योजना में मध्यप्रदेश के 51 जिलों में जिला सहकारी बैंकों की अहम भूमिका रही है। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मध्यप्रदेश के किसानों से जो वादा किया था, उसे पूरा करने में अपेक्स बैंक ने अपनी जिम्मेदारी शत-प्रतिशत निभाई है। मुख्यमंत्री कमलनाथ और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के पसंदीदा नेता के रूप में अशोक सिंह अपने आपको भाग्यशाली मानते हैं और कहते हैं कि वे कमलनाथ जी और दिग्विजय सिंह जी को कभी निराश नहीं होने देंगे और हर स्थिति में उनकी अपेक्षाओं पर खरे उतरेंगे। अशोक सिंह ने कहा कि 2 लाख की कर्ज सीमा से अधिक कर्ज वाले किसानों से अपेक्स बैंक को वसूली अभियान में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यम और बड़े किसान जिनसे बड़ी ऋण वसूली बाकी है, उसका रास्ता भी हमने सम्मानजनक तरीके से ढूंढ लिया है। वसूली के लिए समय दिया जाएगा, समझाया जाएगा और जिनकी नियत में खोट होगा उनके खिलाफ कार्यवाही भी की जाएगी और इस कार्यवाही से उन लाखों किसानों का कोई संबंध नहीं होगा, जिनके 2 लाख तक के कर्ज माफ किये जा चुके हैं। अशोक सिंह ने बताया कि अपेक्स बैंक के अध्यक्ष का चुनाव एक लोकतांत्रिक प्रक्रिया है, जिसके अनुपालन में 4500 सम्बद्ध सदस्य अपेक्स सहकारी संस्थाओं को आगाह कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि 8-10 महीने के भीतर ही अपेक्स बैंक के चुनाव करा लिए जाएंगे, जिसकी तैयारी में हम जुट गए हैं। अशोक सिंह ने कहा कि अपेक्स बैंक के साथ-साथ सम्पूर्ण जिलों के सहकारी बैंकों के स्थापना व्यय, प्रबंधन तथा कर्मचारियों की सेवा शर्तों एवं नियम को बेहतर बनाया जाएगा। उन्होंने अंत में एक सवाल के जवाब में कहा कि 15 वर्षों की शिवराज सरकार ने अपेक्स बैंक सहित सभी जिला सहकारी बैंकों को खोखला कर दिया है। उन्होंने कहा कि सहकारिता मंत्री डॉ. गोविन्द सिंह ने सहकारिता के क्षेत्र में 15 वर्षों में हुए व्यापक भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करने के कड़े निर्देश दिए हैं, हम उनका यहां भी अक्षरश: पालन करेंगे। अशोक सिंह ने कहा कि अपेक्स बैंक सहकारी समितियों में भारी संख्या में हुई हेराफेरी और गबन के खिलाफ एक महीने के भीतर कार्यवाही को अंजाम दिया जाएगा और इसका प्रकाशन भी किया जाएगा।