अच्छा हुआ, सरकार का ध्यान घोटाले से हट गया…


मध्यप्रदेश के विशेष पुलिस महानिदेशक स्तर के भारतीय पुलिस सेवा के एक अधिकारी यह जानकर बेहद खुश हैं कि कमलनाथ सरकार का ध्यान घोटालों से हट गया है। उन्होंने अपने मित्रों से कहा है कि वे जिस निगम में प्रबंध निदेशक के पद पर 7 वर्षों से पदस्थ थे वहां पर तो ठेका और टेंडर के अलावा कोई काम ही नहीं था। सूत्रों के अनुसार उक्त आईपीएस अधिकारी ने कहा कि रोड बने या भवन, ठेकेदार अपना हिस्सा ज्यादा से ज्यादा निकालने की कोशिश करता है उसी में तो घोटाला हो जाता है, इसलिए हो सकता है, जिस निगम में मैं था वहां भी टेंडर घोटाला हुआ होगा। दूसरी तरफ निगम में 60-70 गाडिय़ां वर्षों से टैक्सी के रूप में चलती हैं उसमें भी बताते हैं निगम को भारी किराये के रूप में जितनी चपत लगी, उतने में तो 60 नई गाडिय़ां निगम खरीद लेता लेकिन गलत निर्णय बाद में घोटाला का रूप ले लेता है। उपरोक्त आईपीएस अधिकारी बेहद चिंता में थे कि घोटालों की जांच हुई तो वे भी फंस सकते हैं। सूत्र बताते हैं कि उन्हें किसी ने बता दिया है कि सरकार का ध्यान घोटाले से हट गया है, घोटाले के अलावा भी बहुत काम है, बस इतनी सी बात उक्त आईपीएस अधिकारी के कान में जैसे ही घुसी, उन्होंने दम से कहा हो जाए चीयर्स … उल्लेखनीय है कि उपरोक्त वाक्या आईपीएस अधिकारी संजय राणा को लेकर नहीं लिखा गया है…। -खबरची