देश की आवाज नहीं दबा सकते मोदी-शाह: राहुल गांधी

सीएए का विरोध: बापू की समाधि पर प्रदर्शन, सोनिया-राहुल, मनमोहन और कमलनाथ हुए शामिल

कांग्रेस नेताओं में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ का कद आज सबसे बड़ा दिखाई दिया जब श्रीमती सोनिया गांधी के निर्देश पर कमलनाथ को भाषण देने के लिए सबसे पहले आमंत्रित किया गया।

नयी दिल्ली, 23 दिसम्बर (एजेंसी)। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह नफरत फैलाकर देश को बांटने के लिए लोगों की आवाज दबाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन कांग्रेस उनकी विभाजनकारी नीतियों का मजबूती से मुकाबला करेगी तथा देश की आवाज को दबने नहीं देगी।
गांधी ने नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ सोमवार को यहां राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के समाधि स्थल राजघाट पर पांच घंटे चले ‘सत्याग्रह के समापन पर अपने संबोधन में कहा कि मोदी-शाह नफरत की राजनीति कर देश को बांटने का काम कर रहे हैं। छात्रों, युवाओं, कारोबारियों सभी की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन उन्हें समझ लेना चाहिए कि कांग्रेस इस देश के सभी वर्गों की आवाज और भारत की आत्मा है। वह किसी की आवाज दबने नहीं देगी।
नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन (एनआरसी) के विरोध में कांग्रेस ने राजघाट पर प्रदर्शन किया। इसमें कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी, महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, डॉ. मनमोहन सिंह, गुलाम नबी आजाद, अहमद पटेल और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ शामिल हुए। सोनिया, राहुल और मनमोहन ने संविधान की प्रस्तावना पढ़ी। वहीं, प्रियंका ने लोगों से संविधान की रक्षा का संकल्प लेने का आव्हान किया।
धरने में सोनिया, राहुल और मनमोहन ने अंग्रेजी में संविधान की प्रस्तावना पढ़ी, तो वहीं प्रियंका ने हिंदी में कहा- हम सब संकल्प करें कि संविधान की रक्षा करेंगे, उसे नष्ट नहीं होने देंगे। इससे पहले राहुल गांधी ने ट्वीट कर युवाओं से इस प्रदर्शन से जुडऩे की अपील ं से अलग करने की कोशिश कर रही सरकार राहुल ने एक दिन पहले ही ट्वीट कर मोदी और शाह पर छात्रों और युवाओं के भविष्य को तबाह करने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि सरकार अर्थव्यवस्था की तबाही पर आपका गुस्सा नहीं झेल सकती, इसलिए वो आपको अपनों से अलग करने की कोशिश कर रही है।
जामिया हिंसा के बाद दक्षिण कोरिया चले गए थे राहुल
जामिया में प्रदर्शन के बाद हुई हिंसा के अगले ही दिन राहुल गांधी दक्षिण कोरिया दौरे पर निकल गए थे। इसे लेकर उनकी काफी आलोचना हुई थी। राहुल की गैरमौजूदगी में उनकी बहन प्रियंका गांधी युवाओं के साथ प्रदर्शनों में शामिल हुईं। उन्होंने 17 दिसंबर को इंडिया गेट पहुंचकर सीएए कानून के खिलाफ विरोध जताया। 28 दिसंबर को एक बार फिर दिल्ली के दरियागंज में हुई हिंसा के खिलाफ वे इंडिया गेट पहुंची थीं।