मुख्यमंत्री कमलनाथ गणतंत्र दिवस पर इन्दौर में करेंगे ध्वजारोहण

गणतंत्र दिवस समारोह के लिए मंत्रिमण्डल के सदस्यों को जिले आवंटित
भोपाल, 20 जनवरी। मुख्यमंत्री कमलनाथ गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को इंदौर जिला मुख्यालय में राष्ट्र ध्वज फहराएंगे, परेड की सलामी लेंगे और प्रदेशवासियों को संबोधित करेंगे। मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति नरसिंहपुर और विधानसभा उपाध्यक्ष सुश्री हिना लिखिराम कांवरे सिवनी में ध्वजारोहण करेंगे।
राज्य शासन ने प्रदेश के विभिन्न जिला मुख्यालयों पर राष्ट्र ध्वज फहराने और जिला स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह में भाग लेने के लिये मंत्रिमण्डल के सदस्यों को जिले आवंटित किए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार गणतंत्र दिवस पर 26 जनवरी को मंत्री डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ खंडवा, सज्जन सिंह वर्मा देवास, हुकुम सिंह कराड़ा शाजापुर, डॉ. गोविन्द सिंह भिण्ड, बाला बच्चन बड़वानी, आरिफ अकील सीहोर, बृजेन्द्र सिंह राठौर निवाड़ी, प्रदीप जायसवाल बालाघाट, लाखन सिंह यादव श्योपुर, तुलसीराम सिलावट बुरहानपुर, गोविन्द सिंह राजपूत टीकमगढ़, श्रीमती इमरती देवी दतिया, ओमकार सिंह मरकाम डिण्डोरी, डॉ. प्रभुराम चौधरी रायसेन, प्रियव्रत सिंह राजगढ़, सुखदेव पांसे छिन्दवाड़ा, उमंग सिंघार धार, हर्ष यादव सागर, जयवर्धन सिंह आगर-मालवा, जीतू पटवारी उज्जैन, कमलेश्वर पटेल सीधी, लखन घनघोरिया रीवा, महेन्द्र सिंह सिसोदिया गुना, पी.सी. शर्मा होशंगाबाद, प्रद्युम्न सिंह तोमर ग्वालियर, सचिन सुभाष यादव खरगौन, श्री सुरेन्द्र सिंह हनी बघेल झाबुआ और श्री तरूण भनोत जबलपुर जिला मुख्यालय पर ध्वजारोहण करेंगे। शेष 20 जिला मुख्यालय पर जिला कलेक्टर ध्वजारोहण करेंगे, उनमें मुरैना, शिवपुरी, अशोकनगर, रतलाम, मंदसौर, नीमच, अलीराजपुर, विदिशा, बैतूल, हरदा, दमोह, पन्ना, छतरपुर, कटनी, मंडला, शहडोल, अनूपपुर, उमरिया, सिंगरौली और सतना शामिल हैं।

कर्ज माफिया के ठिकानों पर ईओडब्ल्यू के छापे

करोड़ों के फर्जीवाड़े के दस्तावेज बरामद
इंदौर, 20 जनवरी।
पुलिस के आर्थिक अपराध निरोधक दस्ते (ईओडब्ल्यू) ने सोमवार को यहां कथित कर्ज माफिया के ठिकानों पर छापे मारे और करोड़ों रुपए के बैंक ऋण से संबंधित फर्जीवाड़े के दस्तावेज बरामद किए। ईओडब्ल्यू के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) आनंद कुमार यादव ने बताया कि संजय द्विवेदी और उसके सहयोगियों के तीन दफ्तरों समेत चार स्थानीय ठिकानों पर मारे गए छापों में ये दस्तावेज बरामद किये गए। यादव ने बताया कि द्विवेदी ने अपने रिश्तेदारों और सहयोगियों के माध्यम से 30 फर्जी कम्पनियां पंजीकृत करायी हैं। द्विवेदी ने किसानों समेत 100 से ज्यादा लोगों को इन कम्पनियों के निदेशक मंडल में शामिल कर लाभ में हिस्सेदारी देने के नाम पर जाल में फंसाया। डीएसपी ने बताया, आरोपों के मुताबिक द्विवेदी ने जाल में फंसे लोगों की बहुमूल्य अचल संपत्तियां गिरवी रखवाकर संबंधित कंपनियों के नाम पर अलग-अलग बैंकों से करोड़ों रुपए के ऋण लिए। बाद में इस रकम को हड़प लिया गया। उन्होंने बताया कि द्विवेदी पर यह आरोप भी है कि उसने एक सलाहकार फर्म बनायी जिसने शेयर बाजार में निवेश के जरिए रकम दोगुनी करने का झांसा देकर निवेशकों को चूना लगाया।