भारतीय प्रमुख होंगे मुख्यमंत्री कमलनाथ

दुनिया के शीर्ष नेताओं के स्वागत के लिए तैयार है दावोस, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन समेत कई वैश्विक नेता के भी भाग लेने की संभावना

दावोस, 20 जनवरी। स्विट्जरलैंड का खूबसूरत स्की रिसॉर्ट शहर दावोस विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की 50वीं सालाना बैठक के लिए सज-धज कर तैयार है। इसमें भारत से मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, मनसुख मंडाविया, पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह और कर्नाटक के मुख्यमंत्री येदियुरप्पा समेत 100 प्रमुख हस्तियां शामिल होंगी। भाग लेने वाले भारतीय कारोबारियों तथा प्रमुख हस्तियों में गौतम अडाणी, मुकेश अंबानी, राहुल व संजीव बजाज, कुमार मंगलम बिड़ला, टाटा समूह के एन. चंद्रशेखरन, सज्जन जिंदल, उदय कोटक, भारतीय स्टेट बैंक के रजनीश कुमार, आनंद महिंद्रा, सुनील व राजन मित्तल, रवि रुइया, पवन मुंजाल, नंदऩ निलेकणि, सलिल पारेख, एचसीएल टेक के सी. विजयकुमार, अजय पीरामल, रिशद प्रेमजी, अजय सिंह और फिरोजशाह गोदरेज शामिल हैं।
मुख्यमंत्री कमल नाथ 22 जनवरी को दावोस में मध्यप्रदेश में निवेश में रूचि रखने वाले विश्व के प्रमुख निवेशकों से चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री कमलनाथ के नेतृत्व में प्रदेश का उच्च स्तरीय प्रतिनिधि-मंडल दावोस पहुंच गया है। प्रतिनिधि-मंडल में मुख्य सचिव सुधि रंजन मोहन्ती, अपर मुख्य सचिव ऊर्जा मोहम्मद सुलेमान, प्रमुख सचिव उद्योग नीति एवं निवेश प्रोत्साहन डॉ. राजेश राजोरा, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री अशोक बर्णवाल, सचिव पर्यटन फैज अहमद किदवई और प्रबंध संचालक राज्य उद्योग विकास निगम विवेक पोरवाल शामिल हैं।
दावोस सम्मेलन में चर्चा के लिए चुने गये विषयों में मानसिक स्वास्थ्य भी प्रमुख रहेगा और बॉलीवुड अभिनेत्री दीपिका पादुकोण इस विषय पर बोलेंगी। वहीं, ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सद्गुरू जग्गी वासुदेव इस समारोह में प्रात:कालीन ध्यान सत्रों का संचालन करेंगे। समारोह के दौरान भारत के साथ ही हिंद महासागर क्षेत्र पर विशेष सत्र का आयोजन होगा। इसके अलावा भारतीय नेता कई अन्य द्विपक्षीय और बहुपक्षीय बैठकों में भाग लेंगे।
इस कार्यक्रम में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन समेत कई अन्य वैश्विक नेताओं के भी भाग लेने की संभावना है। हालांकि, ट्रंप और पुतिन के शामिल होने के बारे में अभी आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। इस कार्यक्रम में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के भी भाग लेने की भी उम्मीद है। हालांकि, कहा जा रहा है कि चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन इसमें अनुपस्थित रह सकते हैं। जिन वैश्विक नेताओं ने भागीदारी पर सहमति प्रदान की है, उनमें अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी, फिनलैंड की प्रधानमंत्री सन्ना मरिन, हांगकांग स्वायत्त क्षेत्र की मुख्य कार्यकारी अधिकारी कैरी लैम, इराक के राष्ट्रपति बरहम सालिह, नॉर्वे की प्रधानमंत्री एर्ना सोलबर्ग, सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली सेइन लूंग और स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति उएली मौरेर शामिल हैं। दुनियाभर के ताकतवर नेताओं और अमीरों के हो रहे जमावड़े के मद्देनजर शहर को किले की तरह सुरक्षित बनाया गया है। रेडारों, ड्रोनों, लड़ाकू विमानों आदि से लगातार स्थिति पर निगरानी जा रही है। स्विट्जरलैंड की सरकार ने शहर की सुरक्षा में सेना के पांच हजार जवान, हजारों पुलिस जवान तथा निजी सुरक्षाकर्मी तैनात किए है। स्विट्जरलैंड की वायुसेना ने आसमान की सुरक्षा के लिए रेडारों और ड्रोनों के साथ ही युद्ध के लिए तैयार लड़ाकू विमानों को तैनात किया है।

मुख्यमंत्री शीर्ष उद्योगपतियों से वन-टू-वन और उद्योगपतियों से सीधा संवाद करेंगे
भोपाल। मुख्यमंत्री कमलनाथ 21 से 24 जनवरी तक दावोस में आयोजित वल्र्ड इकॉनोमिक फोरम में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के 15 से अधिक शीर्ष उद्योगपतियों से वन-टू-वन मुलाकात करेंगे। कमलनाथ के साथ एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधि-मंडल भी दावोस यात्रा पर है। मुख्यमंत्री कमलनाथ स्विट्जरलैंड के दावोस की यात्रा के दौरान एफ.एम.सी.जी., हेल्थकेयर, फार्मास्युटिकल्स, आटोमोटिव्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र के उद्योगपतियों और बिजनेस लीडर्स से मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे। फोरम के वार्षिक सम्मेलन में मुख्यमंत्री 22 जनवरी को लंचियन सत्र में 75 वैश्विक उद्योगपतियों से चर्चा करेंगे। इनमें मुख्य रूप से सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनी हेवलेट पैकार्ड एंटरप्राइजेस डिवीजन के अध्यक्ष एवं सी.ई.ओ. एंटोनियो नेरी, दवा उत्पादों की विशेषज्ञ कंपनी नोवो नॉर्डिस्क के अध्यक्ष एवं सी.ई.ओ. फार्सगार्ड जोर्गेनसेन, प्रॉक्टर एंड गैंबल के एशिया पैसिफिक मध्यपूर्व अफ्रीका के अध्यक्ष मंगेशवरन सुरंजन, महिंद्रा ग्रुप के पवन कुमार गोयनका, दुबई स्थित वी.पी.एस. हेल्थकेयर ग्रुप के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. शमशीर वयलिल तथा विप्रो के सी.ई.ओ. और प्रबंध निदेशक अबीदाली नीमचवाला शामिल हैं। मुख्यमंत्री इन उद्योगपतियों से मध्यप्रदेश में आई.टी., दवा, स्वास्थ्य, ऑटोमोबाइल सहित अन्य क्षेत्रों में निवेश के संबंध में संवाद करेंगे।

प्रदेश की नीतियों में सुधार के निर्णयों से अवगत होंगे निवेश-मित्र उद्योगपति

मुख्यमंत्री कमलनाथ सरकार द्वारा दावोस में वल्र्ड इकॉनोमिक फोरम की वार्षिक बैठक में शामिल हो रहे देश और विदेश के उद्योगपतियों को पिछले एक वर्ष में प्रदेश की निवेश-मित्र बनाने के लिए नीतियों में किए सुधारों और सकारात्मक निर्णयों से अवगत कराया जाएगा। दावोस में 21 से 24 जनवरी तक हो रही वल्र्ड इकॉनोमिक फोरम की वार्षिक बैठक में 3 हजार से अधिक वैश्विक उद्योगपति, बिजनेस लीडर्स और अंतर्राष्ट्रीय राजनैतिक हस्तियां शामिल होंगी।
मुख्यमंत्री कमलनाथ के साथ गए उच्च-स्तरीय प्रतिनिधि-मंडल में शामिल मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव उद्योग डी.आई.पी. और आई.पी. 30 से अधिक कंपनियों से मुलाकात करेंगे और निवेश संबंधी नीतियों में सुधार की जानकारी देंगे। उल्लेखनीय है कि पिछले एक वर्ष में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रदेश में निवेश के लिए विश्वास वापसी अभियान के दौरान उल्लेखनीय निर्णय लिए हैं।
मध्यप्रदेश पिछले एक साल में रियल स्टेट पॉलिसी बनाने वाला पहला राज्य बना है। इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी, नए हैरीटेज होटलों का पंजीकरण और स्टाम्प ड्यूटी रियायत के साथ ही लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम औद्योगिक इकाइयों में से निर्यातक इकाइयों को अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया गया है। निवेश को आकर्षित करने के लिए निवेश नीतियों में दस से अधिक संशोधन पिछले एक साल में किये गये हैं। इससे प्रदेश की आर्थिक दर में वृद्धि और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। राज्य सरकार द्वारा एक वर्ष में प्रदेश में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए ग्रीन इण्डस्ट्रिलाइजेशन, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, हाई एंड मैन्युफैक्चरिंग के लिए शोध एवं अनुसंधान, रियल स्टेट, खनन क्षेत्र, एम.एस.एम.ई. विकास नीति एवं पर्यटन सहित निवेश की संभावना वाले क्षेत्र में अधिकाधिक रियायत एवं प्रोत्साहित करने वाले निर्णय लिए गए हैं।