चीन-यूरोप से आने वाले उद्योगों को छत्तीसगढ़ देगा अवसर

पहले उद्योग लगा लें, फिर सरकार से लें अनुमति
रायपुर। कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन के कारण चीन, साउथ कोरिया और यूरोपीय देशों से निकलने की तैयारी कर रही मल्टी नेशनल कंपनियों के सामने छत्तीसगढ़ सरकार एक बड़ा ऑफर रखने जा रही हैं। सीएम भूपेश बघेल ने बुधवार को कैबिनेट में इसका मसौदा रखा। इसके मुताबिक मल्टीनेशनल कंपनियां बिना कोई औपचारिकता के सीधे उद्योगों का सेटअप लगा सकती हैं। इसके बाद सभी तरह की अनुमति के लिए प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं। इसमें भी उद्योग लगाने की समय सीमा तीन साल रहेगी, ताकि इस अवधि में उद्योग प्रोडक्शन शुरु कर सकें। भूपेश सरकार इस मौके को हाथ में लेना चाहती है ताकि आने वाले दिनों में चीन से बाहर निकलने वाली कंपनी को छत्तीसगढ़ एक संभावनाओं वाला राज्य लगे। बताते हैं कि इसकी कार्ययोजना खुद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तैयार कर रहे हैं। इस पर प्रारंभिक चर्चा बुधवार काे कैबिनेट में भी हुई। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पिछले दिनों कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ हुई बैठक में ऐसा सुझाव दिया था। इस आधार पर राजस्थान सरकार ने इसे लागू भी कर दिया है। कई विदेशी निवेशकों ने उनसे चर्चाएं शुरु कर दी हैं। राजस्थान में अब कोई विदेशी निवेशक तीन साल के भीतर उद्योग लगा सकेंगे। इसके लिए राजस्थान सरकार ने उद्योगों के लिए कई सरकारी विभागों, स्थानीय निकायों से दी जाने वाली एनओसी के नियम बदल दिए हैं। उल्लेखनीय है कि नियमों की पेचीदगियों के कारण ही पिछली सरकार के कार्यकाल में टाटा जैसे बड़े समूह ने छत्तीसगढ़ से अपना प्रस्तावित उद्योग वापस ले लिया। कई और उद्योग पीछे हट चुके हैं। इस कारण भूपेश सरकार चाहती है कि प्रदेश में निवेश को नए सिरे से बढ़ावा दिया जाए। इसी मंशा के तहत बुधवार को उद्योग विभाग ने राज्य में उद्योगों को आमंत्रित करने एक नए संशोधन का प्रस्ताव रखा। इसके तहत उद्योगों के लिए स्थानीय निकायों और पंचायतों से एनओसी लेने की बाध्यता पर संशोधन के संबंध में विचार किया गया। इसके पीछे सीएम भूपेश की मंशा यह है कि कोरोना संकट के कारण रुस, चीन, साउथ कोरिया और यूरोपीय जैसे देशों से जो उद्योग बाहर निकलना चाहते हैं, उन्हें छत्तीसगढ़ मे आमंत्रित किया जा सके। इसके लिए नियमों में कुछ संशोधन करना चाहिए। इससे राज्य को बड़े निवेश लाने में मदद मिलेगी। हालांकि कुछ असहमति के कारण इसे फिलहाल लंबित रखा गया है लेकिन आने वाले दिनों में नए सिरे से प्रस्ताव तैयार कर नए निवेशकों के लिए पृष्ठभूमि तैयार की जाएगी।