व्यवसायी रामदेव की कसमसाहट

कभी योगगुरु रहे और अब बिजनेसमैन बन चुके बाबा रामदेव को इन दिनों केंद्र सरकार के फैसले रास नहीं आ रहे हैं और यह सुगबुगाहट चल रही है कि वे कई फैसलों से खफा हैं। पीएम मोदी सरकार ने पिछले दिनों रिटेल बाजार में 100 फीसदी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की अनुमति दे दी, लेकिन इस फैसले को मोदी के धुर प्रशंसक कहे जाने वाले रामदेव का समर्थन नहीं मिल सका।
भाजपा और नरेंद्र मोदी का समर्थन करने वाले रामदेव ने रिटेल कारोबार में एफडीआई के साथ ही मोदी सरकार द्वारा लागू की गई जीएसटी के जरिए घी, मक्खन और गोमूत्र जैसी आवश्यक वस्तुओं पर टैक्स बढ़ाए जाने की भी आलोचना की है। उनकी मांग है कि इन जरूरी चीजों पर टैक्स दर कम किए जाने चाहिए।
रामदेव ने केंद्र की मोदी सरकार को बड़ा झटका देते हुए रिटेल में एफडीआई का विरोध किया है। हालांकि उन्होंने अपनी ओर से यह सफाई देते हुए कहा कि वे इस मुद्दे पर कोई राजनीतिक पंगा मोल नहीं लेना चाहते, इसलिए इस पर ज्यादा कुछ नहीं कहेंगे। साथ ही उन्होंने यह भी साफ किया कि अभी इसको लेकर आंदोलन करने का कोई इरादा नहीं है, लेकिन स्वदेशी का आंदोलन जारी रखेंगे। स्वदेशी को लेकर उनका जो स्टैंड है वो आज भी कायम है। हम अपने स्वदेशी के दम पर विदेशियों को भगाएंगे। रामदेव के पतंजलि के उत्पाद अमेजॉन और फ्लिपकॉर्ट पर बिक्री के लिए उपलब्ध हो गए हैं। शायद रामदेव इन दोनों कम्पनियों को स्वदेशी मानने लगे हैं। रामदेव का मत है कि रिटेल में एफडीआई नहीं आना चाहिए। रामदेव देश के उन चंद लोगों में हैं जो आमतौर पर हर विषय पर खुलकर अपने विचार रखते हैं लेकिन वह इस मुद्दे पर चुप्पी साध गए। दरअसल, मोदी राज में उनका बिजनेस बढिय़ा चल रहा है। उनके लिए एक के बाद एक रोड़े हटाए जा रहे हैं। उनकी कंपनी को प्लॉन्ट लगाने के लिए सस्ते में जमीन देने की बात कही जाती रही है। रिटेल में एफडीआई से पहले उन्होंने पिछले साल गौमूत्र, देशी घी, मक्खन आदि को जीएसटी के महंगे स्लैब में रखे जाने का विरोध किया था। हालांकि उन्होंने कहा कि सरकार ने जीएसटी में आई दिक्कतों में कई सुधार किए हैं, लेकिन अभी कुछ और चीजों में सुधार किया जाना चाहिए।
रामदेव सरकार पर तंज कसते हुए कह रहे हैं कि सरकार ने गौमूत्र पर 18 प्र.श. जीएसटी लगा दिया जबकि गाय को हमारे देश में गौमाता का दर्जा है। उन्होंने यहां तक कहा कि गाय के घी और मक्खन को भी जीएसटी के जरिए महंगा कर दिया गया है। पहले इस पर टैक्स 5 प्र.श. लगता था लेकिन अब उस को 12 प्र.श. के स्लैब में डाल दिया है। ऐसा किए जाने से घी और मक्खन के दाम बढ़ गए हैं।
रामदेव ने कहा कि इन चीजों को 5 प्र.श. के स्लैब में लाकर गौकशी से रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार बेरोजगारी, गरीबी और किसानों की आय आदि को लेकर कुछ अच्छा करेगी। बजट के जरिए बेरोजगारी, किसान और गरीबों के लिए कुछ अलग किए जाने की जरूरत है।
लगता है रामदेव को उम्मीद है कि नाराजी जताकर वे आगामी बजट में कुछ राहत हासिल कर सकेंगे। लेकिन देखना होगा कि मोदी सरकार उन पर मेहरबानी करती है या नहीं।