कोरोना पॉजिटिव की अधजली लाश छोड़कर भागे तहसीलदार

परिजनों ने शव लेने से कर दिया था इन्कार
बिलासपुर। कोरोना संक्रमित 85 वर्षीय कैदी की मौत के बाद तोरवा मुक्तिधाम में जिला प्रशासन की देखरेख में शव को अंतिम संस्कार के लिए लाया गया. चिता में आग लगाने के 15 मिनट के भीतर तहसीलदार वहां से चले गए. लकडिय़ों में ठीक से आग नहीं लगने के कारण शव पूरी तरह नहीं जल पाया. इस बात की जानकारी होने पर आसपास के रहवासी दहशत में आ गए. कोरोना फैलने की आशंका से भीड़ मुक्तिधाम पहुंच गई. देर रात तक हंगामा चलता रहा. इसके बाद प्रशासन ने कर्मचारियों को भेजकर शव को डिस्पोज कराया.कोरोना पॉजिटिव कैदी की शुक्रवार को संभागीय कोविड हॉस्पिटल में मौत हुई थी. शनिवार 1 अगस्त को उसके अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी बिलासपुर तहसीलदार राजकुमार साहू को दी गई. वे दोपहर करीब तीन बजे अपनी टीम व मृतक के परिजन के साथ शव लेकर तोरवा मुक्तिधाम पहुंचे. वहां आनन-फानन में शव को जलाने की तैयारी की गई. चिता में आग लगाने के 15 बाद भी सभी चले गए. जबकि लकडिय़ों में ठीक से आग नहीं लग पाई थी. ऐसे में शव पूरी तरह जल नहीं पाया. आसपास रहने वालों को इस बात का पता चला तो हड़कंप मच गया. लोग शव से कोरोना वायरस फैलने की आशंका से डर गए. उन्होंने वार्ड पार्षद मोतीलाल गंगवानी से शिकायत की. इसके बाद मुक्तिधाम के बाहर भीड़ लग गई. शाम होने तक शव नहीं जल पाया.इससे जिला प्रशासन के खिलाफ भीड़ का गुस्सा फूटने लगा. इसकी जानकारी मिलने पर तोरवा पुलिस भी मौके पर पहुंच गई. खबर फैलने के बाद जिला प्रशासन और नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी भी मौके पर पहुंच गए. विरोध को देखते हुए रात में टीम भेजकर शव को पूरी तरह डिस्पोज कराया गया.वार्ड पार्षद मोतीलाल गंगवानी ने बताया कि पहले भी इस मुक्तिधाम में कोरोना पॉजिटिव के शव का अंतिम संस्कार किया गया है. जिम्मेदार अधिकारी शव जलने से पहले ही चले जाते हैं. इस तरह की समस्या को देखते हुए क्षेत्रवासियों ने कोरोना संक्रमितों के शव का अंतिम संस्कार रिहायशी इलाके से दूर करने की मांग की है.अंतिम संस्कार के लिए पामगढ़ के ग्राम उरइया में रहने वाले मृतक के परिजन से संपर्क किया गया था. वे शनिवार की सुबह पहुंच गए लेकिन गांव ले जाकर अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया. उन्होंने शव से गांव में कोरोना वायरस फैलने की आशंका जताई. हालांकि तोरवा में अंतिम संस्कार के लिए परिजन पहुंच थे. चिता में आग लगते ही वे भी रवाना हो गए.