अयोध्या में शुरू हो गई राम मंदिर की शुभ घड़ी

० 21 ब्राह्मण, पूजा का श्रीगणेश
० राम मंदिर के लिए इकट्ठा किया 151 नदियों का पानी
अयोध्या। उत्तर प्रदेश के अयोध्या में आज से राम मंदिर का भूमि पूजन शुरू हो जाएगा। इसके तहत सबसे पहले आज गणेश पूजा होगी। मंगलवार को राम अर्चना के साथ हनुमान गढ़ी में पूजा होगी और फिर 5 अगस्त को मुख्य कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विश्व कल्याण और मंदिर निर्माण के लिए संकल्प लेंगे। संत संपर्क प्रमुख और वीएचपी के सेंट्रल सेक्रेट्री अशोक तिवारी ने बताया कि प्रधानमंत्री 5 अगस्त को आ रहे हैं। किसी भी वैदिक कर्मकांड में समय लगता है इसलिए 3 अगस्त से ही भूमि पूजन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इस क्रम में सोमवार को गणेश पूजन किया जाएगा। यह तकरीबन ढाई घंटे चलेगा।
4 अगस्त को राम अर्चना
गणेश पूजन के बाद 4 अगस्त को राम अर्चना का कार्यक्रम होगा। हनुमान गढ़ी में सुबह 8 बजे हनुमान पूजन और निशान का पूजन होगा। तिवारी ने बताया कि हनुमान जी महाराज वर्तमान अयोध्या के अधिष्ठता है इसलिए सबसे पहले हनुमान जी की पूजा की जाती है। निशान पूजा अखाड़ों के निशान की पूजा होती है। उनकी पूजा का भी उतना ही महत्व होता है जितना हनुमान जी के निशान की पूजा का महत्व है। निर्वाणी अखाड़े के ईष्ट देव हनुमान जी है और उनके यह निशान हैं, इसलिए 4 अगस्त को निशान और हनुमान दोनों की पूजा होगी।तिवारी ने बताया कि पूरे कार्यक्रम में काशी, अयोध्या, दिल्ली, प्रयाग के विद्वानों को बुलाया है। अलग-अलग पूजा के अलग-अलग एक्सपर्ट हैं। पूरी टीम 21 ब्राह्मणों की है जो अलग अलग तरीकों से पूजा कराएगी। यह एक वक्त में नहीं होगी बल्कि अलग अलग कालखंड में अलग-अलग ब्राह्मण पूजा कराएंगे।अयोध्या में राम मंदिर के भूमि पूजन कार्यक्रम की शुरुआत आज से हो जाएगी। सोमवार को गणेश पूजा होगी और मंगलवार को राम अर्चना के साथ हनुमान गढ़ी में निशान पूजा होगी। बुधवार यानी 5 अगस्त को मुख्य पूजन होगा, जिसमें पीएम मोदी भी शामिल होंगे। संत संपर्क प्रमुख और वीएचपी के सेंट्रल सेक्रेटरी अशोक तिवारी ने बताया कि संपूर्ण पूजा 21 ब्राह्मण कराएंगे।
आज सफेद, 5 को हरे रंग के वस्त्र पहनेंगे रामलला
पूजन कार्यक्रम के लिए रामलला की पोशाक तैयार हो गई हैं। भगवान सोमवार को सफेद, मंगलवार को लाल और बुधवार को हरी पोशाक पहनेंगे। भूमि पूजन पर भगवान राम हरी रंग की पोशाक पहनेंगे। भगवान राम, उनके भाई-लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न 5 अगस्त को राम मंदिर के ‘भूमिपूजन’ के अवसर पर रत्नजड़ित पोशाक पहनेंगे।
2000 जगहों से पहुंची मंदिर निर्माण के लिए मिट्टी
राम मंदिर निर्माण में देश के हर कोने की मिट्टी और हर कोने का जल इस्तेमाल होगा। अब तक देश की 100 पवित्र नदियों के करीब 1500 स्थानों से जल अयोध्या पहुंच चुका है। इसमें गंगा, यमुना, नर्मदा, गोदावरी, कृष्णा, कावेरी, सिंधु, ब्रह्मपुत्र, झेलम, सतलुज, रावी, चिनाब, व्यास सहित कई नदियां हैं साथ ही कई पवित्र कुंडों का जल भी अयोध्या लाया गया है। इसके अलावा करीब 2000 पवित्र स्थानों की मिट्टी अयोध्या पहुंची है।अयोध्या के प्रत्येक परिवार तक राममंदिर भूमिपूजन कार्यक्रम के प्रसाद को पहुंचाने की तैयारी हो रही है। इसकी व्यवस्था की जिम्मेदारी बीजेपी सांसद लल्लू सिंह ने ली है। इसके लिए साढ़े तीन लाख लड्डू के पैकेट के शहर के विभिन्न स्थानों पर तैयार किए जा रहे हैं।
5 अगस्त को पीएम मोदी लेंगे संकल्प
तिवारी ने बताया कि 5 अगस्त को 9 ब्राह्मण प्रत्यक्षतः पूजन करवाएंगे। इस दौरान सभी 21 ब्राह्मण साक्षी रहेंगे। उनकी देखरेख में पूरा पूजन होगा। भूमि पूजन में संकल्प लिया जाता है। पूजा किस उद्देश्य से की जा रही है, यह संकल्प में बताया जाता है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी पूजा करेंगे तो वह संकल्प भी लेंगे। समाज कल्याण के लिए, विश्व के मंगल के लिए और रामंदिर के निर्माण लिए, दुनिया में राम की मर्यादाओं की स्थापना के लिए भी पूजा में संकल्प लिया जाएगा। 5 अगस्त का भूमि पूजन का कार्यक्रम करीब 40 मिनट का होगा।कोरोना काल के चलते राम मंदिर के भूमि पूजन में भीड़ कम से कम रखी जाएगी। यही कारण है कि भूमि पूजन कार्यक्रम का लाइव टेलिकास्ट किया जाएगा। अयोध्यावासियों को भूमि पूजन कार्यक्रम की कमेंट्री और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन को सुनाने के लिए पूरे शहर में लाउडस्पीकर लगाए गए हैं।अयोध्या में राम मंदिर के भूमि पूजन का कार्यक्रम 3 अगस्त से ही शुरू हो जागा। पूरे शहर को फूलों से सजाने के लिए सड़क के किनारे टेंट वाले लोहे के पाइप लगाए जा रहे हैं। इन्हीं लोहे के पाइप्स पर फूलों की मालाएं और लड़ियां लगाई जा रही हैं।राम मंदिर के भूमि पूजन कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद हिस्सा लेने वाले हैं। इसी को लेकर तैयारियों का स्तर भी काफी ऊंचा है। शहर की सड़कें भी दुरुस्त की जा रही हैं। सड़कों के गड्ढे भरकर उन्हें सुंदर बनाया जा रहा है। शहर की कई सड़कों पर तेजी से काम चल रहा है और उनकी मरम्मत करके उन्हें सुंदर बनाया जा रहा है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आने और आतंकी हमले की आशंका के तहत अयोध्या में सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद की जा रही है। जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई है और पुलिस के साथ-साथ केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवान भी अयोध्या की सुरक्षा कर रहे हैं। पूरे शहर की किलेबंदी की गई है और हर चौराहे पर जवान तैनात किए गए हैं।अयोध्या को और खूबसूरत बनाने और राम मंदिर के शिलान्यास को ऐतिहासिक और यादगार बनाने की हर संभव कोशिश की जा रही है। मंदिर परिसर के आसपास के घरों, मंदिरों और अन्य इमारतों की दीवारों को खूबसूरती से पेंट किया जा रहा है। कई जगहों पर दीवारों पर कलाकृतियां भी उकेरी गई हैं। टूटी-फूटी दीवारों की भी मरम्मत करके उन्हें खूबसूरत बना दिया गया है।
अयोध्या में शुरू हुई दीपावली
अयोध्या में राम मंदिर के भूमि पूजन से तीन दिन पहले ही दीपावली जैसा माहौल है। रविवार को तपस्वी छावनी आश्रम, रामघाट में श्रद्धालुओं ने जमकर दीपक जलाए। लोगों ने दीपकों की कतार से भारत का नक्शा, ऊं, स्वास्तिक और अन्य आकृतियां भी प्रदर्शित की। अयोध्या में अगले कई और दिनों तक इसी तरह का माहौल रहने की उम्मीद है।तिवारी ने बताया कि पूजन में कुल 21 ब्राह्मण शामिल होंगे। ये ब्राह्मण अलग-अलग पूजा-विधियों के ज्ञाता माने जाते हैं। उन्होंने कहा कि वैसे तो भूमि पूजन प्रांगण में पूजा-अर्चना लगातार चल रही है। 4 अगस्त को भूमि पूजन प्रांगण में पूजन के 108 दिन पूरे हो जाएंगे और 5 अगस्त को 109 वां दिन होगा। इस दौरान प्रतिदिन वहां वेदपाठ हो रहा है।विष्णु और लक्ष्मी जी का पूजन हो रहा है। विष्णु सहस्त्र नाम, राम रक्षा और अघोर मंत्र हो रहा है। अघोर मंत्र यानी शंकर जी की आराधना कर उनके प्रसन्न करने के मंत्रों का जाप होता है। अशोक तिवारी ने बताया कि वहां हर दिन वास्तुशास्त्र की दृष्टि से, ग्रह और नक्षत्र की दृष्टि से पूजन हो रहा है और हवन भी हो रहा है।