सुशांत केस : इनकम, इन्वेस्टमेंट और बिजनेस जैसे सवालों में उलझीं रिया, अब तक 18 घंटे की पूछताछ

मुंबई: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह की मौत से संबंधित मामले में अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती से अब तक 18 घंटे की पूछताछ की है। वहीं रिया के भाई शौविक चक्रवर्ती से अब तक करीब 22 घंटे पूछताछ की जा चुकी है। सूत्रों का कहना है कि रिया ने अपनी आय करीब 14 से 18 लाख रुपये होने का जिक्र करते हुए आयकर रिटर्न फाइल किया था, लेकिन उनका इन्वेस्टमेंट कहीं ज्यादा है। रिया ने जांच एजेंसी को बताया है कि उन्होंने अपनी इनकम और सेविंग से कई जगह इन्वेस्टमेंट किया है साथ ही बैंक से लोन भी लिया है। उन्होंने बताया कि उनके पिता रिटायर्ड हैं और उन्हें पेंशन के रूप में हर महीने एक लाख रुपये मिलते हैं।

सूत्रों के मुताबिक रिया से कुछ इस तरह के सवाल पूछे गए :

पहला सवाल : आपने पिछले दो साल में कहां कहां निवेश किया है?

दूसरा सवाल : आपकी आय का सोर्स क्या है, उससे जुड़े कागज दिखाए ?  

तीसरा सवाल : सुशांत के खाते से आपके खाते में आई रकम कहां खर्च की, कागज दिखाइए ? 

चौथा सवाल : आपके दो खातों में अचानक ढेर सारे पैसे कहां से आए ? 

पांचवा सवाल : सुशांत ने पिछले दो साल में  कहां कहां निवेश किया है, क्या आप जानती हैं ? 

छठां सवाल: सुशांत ने निवेश करते वक्त करते वक्त आपको या आपके परिवार के किसी सदस्या को नामित किया है ? 

सातवां सवाल: आपके और आपके भाई के नाम दर्ज फर्म क्या काम करती है, उसका पैसा कहां से आया ? 

शौविक से अब तक करीब 22 घंटे पूछताछ :
शौविक से अब तक करीब 22 घंटे पूछताछ की जा चुकी है। शौविक रातभर की पूछताछ के बाद रविवार सुबह करीब साढ़े छह बजे यहां ईडी कार्यालय से निकले थे। उससे शनिवार दोपहर के करीब पूछताछ शुरू हुई थी। मामले में मुख्य आरोपी रिया से शुक्रवार को करीब आठ घंटे पूछताछ की गई थी। ईडी ने रिया के चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) तथा श्रुति मोदी से भी पूछताछ की थी।

सुशांत के पिता ने लगाया था आरोप :
सुशांत के 74 वर्षीय पिता केके सिंह ने पटना में 25 जुलाई को रिया, उनके पिता इंद्रजीत, मां संध्या चक्रवर्ती, शौविक, राजपूत के प्रबंधक सैमुअल मिरांडा, मैनेजर श्रुति मोदी और अज्ञात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी तथा उनके बेटे को खुदकुशी के लिए उकसाने का मामला दर्ज कराया था। सिंह ने आरोप लगाया है कि सुशांत के बैंक खाते से एक साल में 15 करोड़ रुपये उन खातों में भेजे गए, जिनको वह नहीं जानते थे।