शासन और प्रशासन मिलकर देंगे रोडमेप को अंतिम रूप : शिवराज

रोडमेप में शामिल सभी क्षेत्रों में होंगे कार्य, जो बनेंगे आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के साक्षी
भोपाल, 12 अगस्त।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, रोजगार, पेयजल, पर्यटन, अधोसंरचना विकास के साथ सुशासन की दिशा में व्यापक स्तर पर कार्य किये जाएंगे, जो आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के साक्षी बनेंगे। उन्होंने कहा कि 7 से 11 अगस्त के मध्य आयोजित हुए वेबिनार्स में राष्ट्रीय स्तर की भागीदारी हुई है, जिसमें विषय-विशेषज्ञों से काफी बड़ी संख्या में बेहतर सुझाव प्राप्त हुए हैं। मध्यप्रदेश के हित में इन महत्वपूर्ण सुझावों को रोडमेप में शामिल किया जा रहा है। रोडमेप का प्रारूप तैयार करने के लिये मंत्रियों के समूह गठित किये गये है। मंत्री समूह द्वारा दी गई रिपोर्ट पर नीति आयोग से विचार-विमर्श कर अंतिम मोहर लगाई जाएगी। आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के लिये रोडमेप बनाने के लिये मंत्रि-परिषद के वरिष्ठ मंत्रियों को शामिल कर चार समूहों का गठन किया गया है। वेबिनार के लिये तय हुए विषयों के आधार पर यह समूह बनाये गये हैं। भौतिक अधोसंरचना समूह में लोक निर्माण, कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री गोपाल भार्गव एवं समूह समन्वयक अधिकारी आईसीपी केशरी होंगे। सुशासन समूह में गृह, जेल, संसदीय कार्य एवं विधि मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र एवं समूह समन्वयक अधिकारी एस.एन मिश्रा होंगे। शिक्षा एवं स्वास्थ्य समूह में चिकित्सा शिक्षा, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री विश्वास सारंग एवं समूह समन्वयक अधिकारी मोहम्मद सुलेमान होंगे। इसी प्रकार अर्थव्यवस्था एवं रोजगार समूह में वाणिज्यिक कर, वित्त, योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी मंत्री जगदीश देवड़ा एवं समूह समन्वयक अधिकारी डॉ. राजेश राजौरा बनायें गये है। इन चारों समूहों में अन्य मंत्रीगण भी शामिल होंगे।

मुख्यमंत्री चौहान ने बताया कि मंत्री समूह द्वारा प्रदेश के हित में शामिल किये जाने वाले महत्वपूर्ण सुझावों के साथ अपनी रिपोर्ट 25 अगस्त तक प्रस्तुत करेंगे। मध्यप्रदेश के विकास एवं सुधार कार्यक्रम के लिये प्रस्तुत रिपोर्ट पर पुन: नीति आयोग के सदस्यों के साथ विचार-विमर्श किया जाएगा। इसके पश्चात आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के रोडमेप को अंतिम रूप दिया जाएगा। रोडमेप में निर्धारित कार्ययोजना को आगामी तीन वर्ष के लक्ष्य के साथ लागू किया जाना है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का जो संकल्प लिया गया है, उसे समय-सीमा में पूर्ण कर साकार करना हमारी पहली प्राथमिता होगी। मुख्यमंत्री चौहान ने वेबिनार में शामिल हुए केन्द्रीय मंत्री, सासंद, नीति आयोग सहित उन सभी संस्थाओं और प्रतिनिधियों के प्रति आभार माना है, जिन्होंने आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश को मूर्तरूप देने में अपने महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किये।

सहयोग से सुरक्षा अभियान 15 अगस्त से
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह 15 अगस्त को सहयोग से सुरक्षा अभियान का शुभारंभ करेंगे। अभियान की मुख्य थीम सहयोग और समर्थन से ही विजय-कोरोना समाप्ति का दृढ़ निश्चय है। सहयोग से सुरक्षा अभियान में शासकीय विभागों, स्वैच्छिक संगठन, व्यापारिक संगठन, धर्मगुरु और जनप्रतिनिधि व्यापक भागीदारी करेंगे। यह अभियान सभी वर्गो के सहयोग से संचालित होगा। अभियान का मुख्य उद्देश्य जन जागरुकता के माध्यम से आम नागरिकों में सुरक्षा का भाव लाना है। अभियान में लोगों के बीच जागरुकता लाई जायेगी जिससे वे कोरोना संक्रमण की समस्या के साथ ही जीवन जीने की आदत डाल सकें। स्वास्थ्य विभाग का यह भी प्रयास रहेगा कि नागरिक सुरक्षित व्यवहारों को अपनाएं। समुदायों को प्रोत्साहित करें जिससे वे बचाव के उपायों को जीवन शैली का अंग बना लें। स्वास्थ्य का संक्रमण से बचाव व्यवहार का हिस्सा बने इसके लिए इस प्रचार-प्रसार की निरंतरता बनाए रखने का लक्ष्य है। अभियान के तहत सरल और स्पष्ट संदेशों के माध्यम से लोगों की आदतों में बदलाव के प्रयास किये जायेंगे। कई बार गलत और भ्रामक जानकारियों से आमजन भ्रमित होते हैं, इनका प्रतिवाद कर सही स्थिति बताने का कार्य भी विभिन्न माध्यमों से लगातार किया जायेगा जिससे लोगों को वास्तविक जानकारी मिल सके। अभियान की गतिविधियों के लिये समयबद्ध कार्यक्रम भी तय किया गया है। अभियान के दौरान शपथ कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। अभियान से जुड़ शासकीय विभागों में नोडल अधिकारी नियुक्त किये गये है, जो अभियान की गतिविधियों को गति देंगे।