जिसने 74 करोड़ के सबमर्सिबल पुल को डहा दिया, गोपाल भार्गव ने उसको इनाम दे दिया…


मध्यप्रदेश का लोक निर्माण विभाग में जो भी हो जाये वह सोनिहाल होता है। कल एक अधीक्षण यंत्री को सेतु निर्माण शाखा का मुख्य अभियंता बना दिया गया। चौकाने वाला मामला यह है कि छिंदवाड़ा जिले में ‘थर्ड क्लासÓ ब्रिज बनाने वाले महान भ्रष्ट अधिकारी की हालत यह है कि उन्होंने पेंच में सबमर्सिबल 74 करोड़ का पुल बनवाया था, और एैसा ही एक पुल सिवनी में भी बना और दोनो पुल डह गये, बह गये, गिर गये, जांच जारी है। लेकिन विभाग उपरोक्त अधीक्षण यंत्री पर इतना मेहरबान कि कई वरियता धारक अधीक्षण यंत्रियों को पीछा छोड़कर सेतु निर्माण सभाग मुख्यालय निर्माण भवन में मुख्य अभियंता बन गये। निर्माण भवन में एक अधिकारी नाम नही छापने की शर्त पर कहते हैं, सबसे बड़ी योग्यता यहां पर भ्रष्ट, घोटाले बाज, तीसरा जो पुल 74 करोड़ का हो उसे 20 करोड़ में बनाकर दिखा दे और डील बड़ी कर ले वह तो कमाल ही करेगा। एैसा ही हो गया कल। यह वाक्या लोक निर्माण मंत्री को पता नही चौकाने वाला वाक्या है। उल्लेखनीय जिसने पुल गिरवाकर महारथ हासिल की है, मुख्य अभियंता बने हैं उन्हें लोग ‘मस्केÓ कहते हैं। -खबरचीं