कमलनाथ-नरोत्तम में घमासान


कमलनाथ बोले- 35 दिन बाद हम बनाएंगे विधानसभा अध्यक्ष, नरोत्तम मिश्रा का तंज- उनके पास तो कार्यकर्ता तक नहीं, कांग्रेस की एक और सीट कम हुई

विशेष प्रतिनिधि
भोपाल, 15 सितम्बर। मध्यप्रदेश में विधानसभा उपचुनाव को लेकर अब सियासत तेज हो गई है। विधानसभा में सर्वदलीय बैठक के बाद पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 35 दिन बाद हम ही विधानसभा अध्यक्ष बनाएंगे। कांग्रेस चंबल में चुनाव प्रचार तेज करेगी।कमलनाथ मंगलवार सुबह विधानसभा में सत्र को लेकर हुई सर्वदलीय बैठक में शामिल हुए। यह सत्र तीन दिन का बुलाए जाने को लेकर था। सरकार इस दौरान बजट, छह से ज्यादा बिल के साथ स्पीकर और डिप्टी स्पीकर का चुनाव कराना चाह रही थीं। ऐसे में कमलनाथ ने साफ कर दिया कि वे बजट बुलाए जाने के पक्ष में हैं, लेकिन अगर सत्र एक दिन से ज्यादा का होता है तो प्रश्न और ध्यानाकर्षण भी होगा।

प्रश्न से बच रहे दोनों दल
काफी लंबी बातचीत के बाद सिर्फ एक दिन के सत्र में बजट पेश किए जाने पर समहति बनी। सूत्रों की मानें तो दोनों ही पक्ष प्रश्नकाल से बचते नजर आए। ब्यावरा से कांग्रेस विधायक गोवर्धन दांगी की मौत पर कमलनाथ बोले- यह लापरवाही है। उनकी मौत के बाद अब कांग्रेस की विधायक संख्या एक और कम हो गई है।

कमलनाथ भी ग्वालियर-चंबल में प्रचार करेंगे

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के ग्वालियर-चंबल के दौरे के बाद अब कमलनाथ वहां का दौरा करेंगे। यहां 6 जिलों में 16 सीटों पर उपचुनाव होना है। इधर, टिकट बंटवारे के बाद कांग्रेस में मचे घमासान पर तंज कसते हुए गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस डूबता जहाज है। वह मानने को तैयार नहीं है।

नरोत्तम मिश्रा का तंज- कार्यकर्ता ही नहीं बचे
मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस के पास ग्वालियर-चंबल अंचल में कार्यकर्ता ही नहीं बचे हैं। इसलिए उसे उपचुनाव में दलबदलू प्रत्याशी उतारने पड़ रहे हैं। उसके अधिकांश उम्मीदवार दूसरे दलों से आए हैं। टिकट वितरण के बाद कांग्रेस में फैले असंतोष पर नरोत्तम ने कहा कि कांग्रेस डूबता जहाज है। कोई भी अब कांग्रेस में रहना नहीं चाहता है। कांग्रेस में भगदड़ की स्थिति है। चाहे वह माने या ना माने।

एक दिन का सत्र 21 सितंबर को होगा
सिर्फ बजट पेश किया जाएगा, कांग्रेस ने भी अपनी सहमति दी
मध्य प्रदेश में विधानसभा उपचुनावों की सरगर्मी के बीच विधानसभा का एकदिवसीय सत्र 21 सितंबर को होगा। इस दौरान सिर्फ बजट पेश किया जाएगा। इसके अलावा कुछ नहीं होगा। इसका निर्णय मंगलवार सुबह विधानसभा में हुई सर्वदलीय बैठक में लिया गया। इस पर कांग्रेस ने भी अपनी सहमति दी है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने
कहा कि बजट पास होना जरूरी है। प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा ने कहा कि यह सिर्फ एक दिन का होगा। प्रश्नकाल नहीं होगा। अगर कोई सवाल आता है, तो उस पर चर्चा की जाएगी। इससे पहले गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा था कि विधानसभा से पहले सर्वदलीय बैठक बुलाई जाती है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, नेता प्रतिपक्ष समेत सभी दलों के लोग होते हैं। इसी दौरान स्पीकर और डिप्ड़टी स्पीकर का चुनाव भी किया जाएगा। सत्र में सिटिंग अरेंजमेंट और प्रश्नकाल के होने या नहीं होने पर चर्चा की गई। कोरोना के कारण सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखना जरूरी है, लेकिन जनता से जुड़े कामों को भी करना है। इसलिए इसे एक दिन का रखने का निर्णय लिया गया है, ताकि बजट पेश हो सके। मध्यप्रदेश विधानसभा सत्र को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ पिछले गुरुवार को अचानक मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिलने सीएम हाउस पहुंचे थे। दोनों नेताओं के बीच विधानसभा सत्र के दौरान पेश किए जाने वाले विधेयकों को लेकर चर्चा हुई। इसके अलावा, सीएम शिवराज और कमलनाथ के बीच उन विषयों को लेकर भी बातचीत हुई, जिनकी चर्चा विधानसभा सत्र के दौरान होने वाली है। मध्?य प्रदेश विधानसभा का सत्र 21 सितंबर से शुरू होने जा रहा है। यह सत्र तीन दिन का होगा, जो 23 सितंबर तक चलेगा। उन्होंने सत्र को लेकर चिंताएं भी व्यक्त की थीं। उन्होंने कहा कि हम सिर्फ बजट पर सहमत हुए हैं। अगर सत्र अधिक दिन का रहा तो हम चाहते हैं विधायकों के जो प्रश्न और ध्यानाकर्षण आएं उनका जवाब मिलना चाहिए।

इसलिए एक दिन का सत्र

मौजूदा स्थिति में 108 विधायक ही बैठ सकते हैं।
प्रदेश में कई विधायक कोरोना पॉजिटिव हैं
दो सत्रों के बीच छह महीने की संवैधानिक अनिवार्यता के कारण दिन का सत्र बुलाया गया।
सत्र में सिर्फ बजट पास किया जाएगा।
दर्शक दीर्घा में विधायकों को बैठाया जा सकता है।
अधिकारियों और सुरक्षा कर्मियों की संख्या भी सीमित की जाएगी।

मोदी गौरवशाली भारत का निर्माण कर रहे हैं : शिवराज
प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर गरीब कल्याण सप्ताह में प्रत्येक जिले में मंत्री सहभागिता करें
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्यप्रदेश में 16 सितंबर से 23 सितंबर तक गरीब कल्याण सप्ताह में मंत्रियों को जन-कल्याण के कार्यक्रमों में सहभागिता करने को कहा है। यह कार्यक्रम निरंतर 8 दिन राज्य और जिला स्तर पर होंगे। फेसबुक, ट्विटर और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से इन कार्यक्रमों से लाखों लोग जुड़ेंगे। मुख्यमंत्री चौहान ने इन कार्यक्रमों से अधिकाधिक लोगों को जोडऩे के निर्देश सभी विभागों को दिए हैं। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि यह कार्यक्रम किसी एक या दो विभाग के न होकर राज्य सरकार के हैं। इनसे जन-जन के कल्याण का उद्देश्य पूर्ण हो रहा है। अत: कार्यक्रमों में प्रत्येक विभाग सक्रिय रूप से शामिल हों। मुख्यमंत्री ने कहा कि 17 सितम्बर को प्रधानमंत्री मोदी का जन्म दिवस है। वह एक व्यक्ति नहीं संस्था हैं। उनके ह्रदय में बचपन से निर्धनों के प्रति करूणा का भाव रहा है। उनके बाल्यकाल से साहस के वृतांत जानने को मिलते रहते हैं। नरेन्द्र मोदी जी ने स्वामी विवेकानंन्द का साहित्य पड़ा और समाज सेवा के लिये जीवन अर्पित किया है। वे जिस भी संगठन से जुड़े, उसे गतिशील बनाया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा जब गुजरात की बेहाल दशा थी, तब मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री बने और उन्होंने गुजरात की काया पलट कर दी। गुजरात मॉडल भी लोकप्रिय हो गया। मोदी कला, संस्कृति, इतिहास के अध्येता हैं। वर्ष 2014 से उन्होंने गौरवशाली, वैभवशाली और समृद्ध भारत के निर्माण के लिये प्रभावी कदम उठाये हैं। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि मोदी के सक्षम नेतृत्व मे भारत एक महाशक्ति बन गया है। सर्जिकल स्ट्राइक का उदाहरण हो या चीन से जूझने का निर्णय, उन्होंने देश को बदल कर रख दिया है। अयोध्या के मामले के साथ ही कश्मीर से धारा 370 समाप्त करने का मामला हो अथवा तीन तलाक और नागरिकता कानून का विषय हो ,उनके साहस से सभी परिचित हैं। वे राष्ट्रभक्ति के भाव से कार्य करने वाले योगी प्रधानमंत्री हैं।

मध्यप्रदेश में गरीब कल्याण सप्ताह
मुख्यमंत्री चौहान ने बताया कि मध्यप्रदेश में गरीब सप्ताह के अंतर्गत 16 सितम्बर से 23 सितम्बर तक विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं में हितग्राहियों को लाभान्वित करने का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। यह कार्यक्रम गरीबों की जिंदगी में प्रसन्नता के रंग भरेंगे। मुख्यमंत्री चौहान ने बताया कि 16 सितम्बर को अन्न उत्सव का आयोजन होगा। मुख्यमंत्री चौहान ने बताया कि 17 सितम्बर को प्रधानमंत्री के जन्म दिवस पर आंगनवाड़ी केन्द्रों में कुपोषित बच्चों को दूध बांटा जाएगा। इसी दिन सरपंचों के उन्मुखीकरण और लाड़ली लक्ष्मी योजना की राशि का वितरण भी होगा। मंत्रिगण इन कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। मुख्यमंत्री चौहान ने बताया कि 18 सितम्बर को 18 लाख किसानों के खातों में साढ़े चार हजार करोड़ रुपए की फसल बीमा राशि जमा की जाएगी। इसी तरह 19 सितम्बर को वनाधिकार पट्टों का वितरण और 20 सितम्बर को स्व-सहायता समूहों के सशक्तिकरण के लिये उनको 150 करोड़ रूपये की राशि देने का कार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री चौहान ने बताया कि 21 सितम्बर को ग्रामीण क्षेत्र के स्ट्रीट वेंडर्स को लाभान्वित किया जाएगा। जिसमें प्रति हितग्राही 10-10 हजार रूपये की ऋण राशि, कार्यशील पूंजी के रूप में प्राप्त कर अपने लघु व्यवसाय का उन्नयन कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री चौहान ने बताया कि गरीब कल्याण सप्ताह में 22 सितम्बर को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में हितग्राहियों को किसान क्रेडिट कार्ड का वितरण होगा। किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण वितरण के लिये 800 करोड़ रूपये की राशि सहकारी बैंकों में जमा करवाई जाएगी। मुख्यमंत्री चौहान ने बताया कि 23 सितम्बर को सम्बल योजना में हितग्राहियों को हित लाभ दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि यह सभी कार्यक्रम कोरोना काल में एक साथ विभिन्न वर्गों को लाभान्वित कर प्रदेश की तकदीर और तस्वीर बदलने का कार्य करेंगे।