डर और अहंकार की राजनीति के खिलाफ मैदान में उतरी हूं, महिलाओं को सम्मान दिलाउंगी : पारुल

भाजपा को लगा झटका, पूर्व विधायक पारुल साहू कांग्रेस में शामिल

विशेष संवाददाता : बसंत शर्मा
पारुल साहू

भोपाल, 18 सितम्बर। जिस तरह से सरकार गिराई गई इससे क्षेत्र की जनता नाराज है। सबके पास विवेक है, लोग सही और गलत में अंतर समझ रहे हैं। बुंदेलखंड की महिलाओं के सम्मान के लिए मैं मैदान में उतरीं हूं। यह बात पूर्व विधायक पारुल साहू ने राष्ट्रीय हिंदी मेल के विशेष संवाददाता से साक्षात्कार के दौरान कही है। पेश हैं मुलाकात के कुछ खास अंश-
सवाल: भाजपा छोडऩे की क्या मजबूरी थी?
जवाब: मार्च 2020 में जो कुछ हुआ है। वह गलत हुआ है। सुरखी की जनता इससे नाराज है। सुरखी में डर और अहंकार की राजनीति पनप रही है। उसके खिलाफ आवाज उठाना हमारा पहला काम है। इसलिए मैंने कांग्रेस ज्वॉइन की।
सवाल: कमलनाथ से चुनाव की रणनीति पर क्या बात हुई?
जवाब: अभी सिर्फ मैंने कांग्रेस ज्वॉइन की है। कमलनाथ से चुनाव को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई।
सवाल: गोविंद राजपूत ने आपको दारुवाली कहा था क्यों?
जवाब: जो लोग महिलाओं का सम्मान नहीं करते उन्हें महिलाएं सबक सिखा देती हैं। पांच सालों तक विधायक रहते मैंने कभी किसी का नाम नहीं लिया, अपमान तो दूर की बात है। महिलाओं का अपमान करने वालों को इस बार बुंदेलखंड की महिलाएं जवाब देंगी।
सवाल: अगर आप उपचुनाव में जीतीं तो सुरखी विधानसभा के लिए सबसे पहले क्या करेंगी?
जवाब: सबसे पहले मैं सुरखी विधानसभा और बुंदेलखंड की महिलाओं को शिक्षा के लिए प्रेरित करूंगी। क्योंकि ग्रामीण इलाकों में कई लड़कियों की पढ़ाई पांचवीं-आठवीं के बाद छूट जाती है। जब महिलाएं पढ़ेंगी तो अपने अधिकार समझेंगी। इसके बाद वह गलत के खिलाफ आवाज उठा सकती हैं।
सवाल: चुनाव में आपको क्षेत्र की महिलाओं का साथ मिलेगा क्या?
जवाब: मुझे अपने क्षेत्र की महिलाओं का पूरा सपोर्ट है। क्योंकि मैं सुरखी विधानसभा क्षेत्र की महिलाओं के सम्मान के लिए आगे आई हूं। महिलाओं का सम्मान मेरे लिए सबसे अहम है। महिलाओं सशक्त बनाना ही मेरा उद्देश्य है।