कमलनाथ के ‘रोड -शो’ में जोश आया कौवा पोस्टर और काले झंडों ने होश उड़ाया

विशेष रिपोर्ट धर्मेन्द्र तोमर, ग्वालियर से
ग्वालियर, 18 सिंतबर।
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज मिशन ग्वालियर का एजेंडा लेकर ग्वालियर में एक अच्छा रोड-शो किया, जिससे कहा जा सकता हैं कि कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में जोश आ गया है, परंतु पहली बार कमलनाथ ने अपने राजनीतिक जीवन की यात्रा में अपना स्वयं का पोस्टर काले कौवे के साथ देखा होगा, विरोध में आये भाजपा कार्यकर्ताओं ने काले झण्डे भी दिखाये जिसकी वजह से कमलनाथ थोड़े निराश भी हुए यूं कहा जाये कि उनके होश उड़ गये परंतु उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। कमलनाथ ने कहा कि पूरी भाजपा मुझे ग्वालियर आने से रोकना चाहती थी परन्तु वह नहीं रोक पायी। कमलनाथ ने जब यह कहा कि उन्हें ग्वालियर आने से कोई नहीं रोक सकता तो कार्यकर्ताओं ने गगन भेदी नारों से कमलनाथ का स्वागत भी किया। सवाल यह उठता हैं कि इस तरह के रोड-शो का फायदा आज तक कांग्रेस को कहां-कहां मिला हैं और क्या इस रोड-शो में आये कार्यकर्ताओं की वजह से मतदाता कोरोना काल में घर-घर से निकलकर कांग्रेस को वोट डालेंगे, यह यक्ष प्रश्न रोड-शो के दौरान गाहे बगाहे सुनने को भी मिले है। खैर यह तो वक्त ही बतायेगा कि कांग्रेस को इस रोड-शो से चुनाव में क्या लाभ होंगे। यह बात तो तय है कि जबरदस्त रोड-शो का असर ग्वालियर की किसी एक सीट पर पड़ेगा परन्तु कितना कहना अभी मुश्किल है। विमान तल से 7 कि.मी. दूरी तय करने वाले रोड-शो में एक बात गौर करने लायक है कि किसी ने भी इस बात की परवाह नही की है कि कोरोना महामारी के बचाव के लिए जो गाईड लाईन तैयार किये गये हैं उसका पालन किया जाये। कोरोना वह जब ग्वालियर में चरम पर है एक दूसरे के उपर झूमते हुए हार-फूलों से स्वागत से कोरोना संक्रमण व्यापक रूप से फैलने का खतरा है जिसकी कमलनाथ के रोड शो में किसी ने परवाह नही की है।
7 किलोमीटर लंबा था रोड शो: कमलनाथ का रोड शो 7 किलोमीटर लंबा था। इसमें भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी। इस दौरान कोविड काइडलाइन के कई नियम टूटते हुए नजर आए। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हुआ। कांग्रेस कार्यकर्ता कमलनाथ के स्वागत में सड़कों पर उमड़ पड़े थे। ढोल-नगाड़ों पर कार्यकर्ता नाच रहे थे। इस मेगा रोड शो को ग्वालियर क्षेत्र में बड़ा शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा है। कमलनाथ ग्वालियर में महारानी लक्ष्मी बाई की समाधि पर गए और वहां पर श्रद्धा सुमन अर्पित किया। इसके बाद पार्टी कार्यकर्ताओं नेताओं के साथ उनकी मुलाकात की गई। गौरतलब है कि प्रदेश में जिन 28 सीटों पर उपचुनाव होना है उनमें से 16 सीट ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में है। कांग्रेस ने इन सीटों को जीतने के लिए अपनी रणनीति तैयार की है।
ग्वालियर-चंबल संभाग में उपचुनाव का तनाव: ऐसे में सिंधिया के गढ़ में उपचुनाव को लेकर सियासत भी गर्म है। यहां पोस्टर पॉलिटिक्स भी चरम पर है। कांग्रेस और भाजपा एक-दूसरे के खिलाफ पोस्टर लगा रहे हैं। शुक्रवार को कमलनाथ के विरोध में भाजपा नेता सड़कों पर दिखे, तो इससे पहले कांग्रेस से भाजपा में गए मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ता नारे लगाते हुए नजर आए थे। तब मंत्री और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में हाथापायी तक हो गई थी।
कमलनाथ के रोड शो में भाजपा कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाए: पुलिस ने लाठी फटकार कर खदेड़ा ग्वालियर। ग्वालियर के दो दिवसीय दौरे पर आए पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के रोड शो में भाजपा कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाए। कार्यकर्ता कमलनाथ वापस जाओ के नारे लगा रहे थे। शहर के पड़ाव चौराहे पर भाजपा कार्यकर्ताओं की भीड़ को हटाने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। कई मौकों पर पुलिस को लाठियां फटकार कर भीड़ को खदेडऩा पड़ा। इस विशेष रिपोर्ट का लब्बो लुआब यह है कि उपचुनाव से पहले ग्वालियर-चंबल संभाग में कांग्रेस ने चुनाव अभियान की शुरुआत कर दी है। शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ दो दिवसीय दौरे पर ग्वालियर पहुंचे। उनके दौरे से पहले ग्वालियर में पोस्टर पॉलिटिक्स शुरू हो गई है। भाजपा नेताओं ने पड़ाव चौराहे पर पोस्टर लगाए हैं। इसमें कमलनाथ और दिग्विजय के साथ कौवे को दिखाया गया है। लिखा है- पूछता है ग्वालियर प्तयुवाओं को बेरोजगारी भत्ता क्यों नहीं दिया कमलनाथ? एक हफ्ते से ग्वालियर में पोस्टर वॉर चल रहा है। बुधवार को एक कार्यक्रम में आए मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने घेरा था। मंत्री ने कांग्रेस के एक कार्यकर्ता का गला तक पकड़ लिया था। दरअसल, कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आरोप था कि मंत्री ने कमलनाथ के स्वागत में लगवाए गए पोस्टर हटवा दिए थे। इसकी कार्यकर्ताओं ने थाने में शिकायत भी की थी।

सिंधिया के
हमले का असर

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह इस इलाके में सिंधिया और नरेंद्र तोमर के साथ तीन दिन का साझा केम्प ग्वालियर में कर चुके है जिसमे काफी आयोजन भी हुए। इनके बाद भी सिंधिया एक चक्कर यहां लगा चुके है जिसमे वे भाजपा दफ्तर में भी जा चुके है । वे हर दौरे में कमलनाथ पर सीधा हमला साधते है। सबसे बड़ा सवाल पूछते है कि 15 माह की सरकार में उन्होंने ग्वालियर आने के लिए 15 मिनिट का समय क्यों नही निकाल पाए। सीएम शिवराज से लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा मंच से कई सवाल पूछ चुके है तो भाजपा प्रवक्ता लोकेंद्र पाराशर प्रेस रिलीज के जरिये उन पर प्रश्न उछालते रहे है।