भाजपा में असंतुष्ट नेताओं को राजनैतिक भविष्य की चिंता, वीडी शर्मा खेमेबाजी दूर करने में जुटे

विशेष संवाददाता: बसंत शर्मा
भोपाल, 19 सितंबर। मप्र में उपचुनाव जैसे.जैसे करीब आ रहे हैं। भाजपा के कुछ नेताओं की नाराजगी भी सामने आ रही है। इन असंतुष्ट नेताओं को साधने के लिए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं। शर्मा की समझाइश के बाद कुछ नेता मतभेद भूलकर चुनाव प्रचार में जुट गए हैंए लेकिन कुछ नेता अपने राजनैतिक अस्तित्व और भविष्य को लेकर चिंतत हैं। प्रदेश भाजपा के मुख्य प्रवक्ता दीपक विजयवर्गीय ने कहा कि भाजपा में कोई भी नेता असंतुष्ट नहीं हैए सभी नेता संतुष्ट हैं। वीडी शर्मा लागातार इसलिए दौरे कर रहे हैंए क्योंकि भाजपा के नेता फील्ड पर जाकर काम करते हैं। खैर, पूर्व मंत्री पवैया ग्वालियर से 2018 में मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर से हारे थे। अब उनका टिकट प्रद्युम्न सिंह को मिल सकता है। वे ज्योतिरादित्य सिंधया के घोर विरोधी रहे हैं। तोमर उनकी नाराजगी को भांपकर उनसे दो बार मिल चुके हैं। जबकि सिंधिया ने भी पवैया की नाराजगी दूर करने की कोशिश की।

पवैया, रुस्तम, शेजवार और दीपक जोशी को मनाने में जुटे भाजपा नेता
पूर्व मंत्री रुस्तम सिंह को करना होगा समझौता
पूर्व मंत्री रुस्तम सिंह को मुरैना सीट पर इस बार रघुराज सिंह कंसाना के सामने टिकट से समझोता करना होगा। रुस्तम पिछली बार कंसाना से हार गए थे। हालांकि रुस्तम भाजपा में उतना बड़ा कदम नहीं रखते जितना दूसरे बड़े नेता रखते हैं। भाजपा उनको निगम मंडल का विकल्प दे चुकी है।
मंत्री सिलावट की राह में कांटे
सांवेर में मंत्री तुलसी सिलावट के लिए पिछली वार के हारे राजेश सोनकर सहित इंदौर भाजपा के नेताओं को साधने की चुनौती है। कैलाश विजयवर्गीय राह में कांटे बिछा सकते हैं। भाजपा के लगभग सभी खेमे सिलावट को नापसंद करते हैं।

पूर्व मंत्री जोशी कर चुके कमलनाथ की तारीफ
पूर्व मंत्री दीपक जोशी 2018 में हाटपिपल्या से चुनाव हारे हैं। अब उनका टिकट मनोज चौधरी को मिल सकता है। उनकी पीड़ा झलकती है। वे कमलनाथ की तारीफ कर चुके हैं। सीएम शिवराज ने उनके पिता पूर्व सीएम कैलाश जोशी की प्रतिमा का अनावरण कर चुके हैं।
मुदित शेजवार परिवार पर सियासी संकट
पूर्व मंत्री गौरीशंकर शेजवार के पुत्र मुदित 2018 में रायसेन में कांग्रेस के प्रभुराम चौधरी से हारे थे। गौरीशंकर ने पुत्र के लिए टिकट छोड़ा था। प्रभुराम के भाजपा में आकर मंत्री बनना शेजवार परिवार के लिए सियासी संकट खड़ा कर देगा। शेजवार परिवार खुलकर प्रभुराम का विरोध कर चुका है।

पूर्व मंत्री लाल सिंह का खेमा नाराज
पूर्व मंत्री लाल सिंह आर्य गोहद से कांग्रेस प्रत्याशी रणवीर जाटव से हारे थे। लाल सिंह लगातार रणवीर के खिलाफ काम कर रहे हैं। अब रणवीर ने ही दल बदल लिया है। लाल सिंह के सामने समझाइशों का बोझ है, लेकिन उतना ही विधानसभा में अस्तित्व का सवाल है। उनका खेमा खुश नहीं है। बहरहाल, भाजपा में जिस तरह से कथित तौर पर भितरघात बढ़ रहा है इससे संगठन की नींद उड़ी हुई है। इसलिए डेमेज कंट्रोल किया जा रहा है।