मप्र में 3 नवम्बर को वोटिंग, 10 को नतीजे विधानसभा उपचुनाव की तारीखों का ऐलान

16 अक्टूबर तक नामांकन होंगे दाखिल
नई दिल्ली/भोपाल, 29 सितम्बर। चुनाव आयोग ने मंगलवार को 56 विधानसभा सीटों और एक लोकसभा सीट के लिए उपचुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात और उत्तर प्रदेश समेत 10 राज्यों की 54 विधानसभा सीटों पर 3 नवंबर को मतदान होगा। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मध्यप्रदेश में 28 विधानसभा क्षेत्रों के रिक्त पदों को भरने हेतु कार्यक्रम जारी किया है। कार्यक्रम अनुसार नाम-निर्देशन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि 16 अक्टूबर, 2020 है। नाम-निर्देशन पत्रों की संवीक्षा 17 अक्टूबर, 2020 को होगी। नाम निर्देशन पत्र 19 अक्टूबर 2020 तक वापस लिए जा सकेंगे। प्रदेश में 3 नवम्बर, 2020 को सभी 9361 केन्द्रों पर मतदान होगा। मतों की गणना 10 नवम्बर, 2020 को संबंधित विधानसभा क्षेत्र/क्षेत्र के जिला मुख्यालय पर की जावेगी। निर्वाचन की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। आदर्श आचार संहित सभी उम्मीदवारों, राजनीतिक दलों और सरकार पर लागू होगी। वहीं, बिहार की एक लोकसभा सीट और मणिपुर की दो विधानसभासीटों पर 7 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। सभी सीटों के नतीजे 10 नवंबर को आएंगे। असम, केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की 7 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव का ऐलान नहीं किया गया है। चुनाव आयोग का कहना है कि इन राज्यों में कुछ मुश्किलें हैं, इसलिए मौजूदा स्थिति में उपचुनाव नहीं करवाने का फैसला लिया गया। भाजपा अपनी सत्ता बचाने और कांग्रेस नेता कमलनाथ छह महीने पहले खोई सत्ता वापस पाने की लड़ाई ल? रहे हैं। इस उपचुनाव में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए ज्योतिरादित्य सिंधिया की साख भी दांव पर लगी है, क्योंकि जिन 28 सीटों पर उपचुनाव हो रहा है उनमें 16 सीटें सिंधिया के प्रभाव वाले ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की है। 28 सीटों में से 27 पर पहले कांग्रेस का कब्जा था। प्रदेश में 230 सदस्यीय राज्य विस में बहुमत के लिए 116 सीटें होना जरूरी हैं। अगर भाजपा उपचुनाव में बेहतर प्रदर्शन करती है तो उसकी सरकार और स्थिर होगी। वहीं, दूसरी तरफ कांग्रेस की कोशिश है कि वह 20 या उससे ज्यादा सीटें जीत ले, जिससे की एक बार फिर प्रदेश में सत्ता पलट सकती है।