क्या कमलनाथ भी गुगली डालेंगे…


मध्यप्रदेश में 1998 का विधानसभा चुनाव तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कुछ इस तरह लड़ा। भाजपा के एक-दो उम्मीदवार जीतने की खुशी में कलेक्टोरेट से जुलूस निकालकर, माला पहनकर, ढोल-ढमाके के साथ जय श्रीराम, जय श्रीराम के नारे लगाते निकल पड़े। रास्ते में पता चला उम्मीदवार चुनाव हार गया है। आखिरी राउण्ड में फिर से मतदान हो गया, उम्मीदवार जीता हुआ समझकर जुलूस निकाले, हार की घोषणा से चक्कर खाकर गिर जाए। ऐसा कई विधानसभा क्षेत्रों में हुआ। अंतत: कांग्रेस जीत गई और दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में दूसरी बार सरकार बनी। तो दिग्विजय सिंह की प्रतिक्रिया यह पूछने पर कि जीते कैसे राजा, तो बताते हैं जवाब था गुगली डाल दी थी। लेकिन उनकी गुगली 2003 में नहीं चली। एक साध्वी उमा भारती ने दिग्विजय के सारे जलवे हड़प लिए और मुख्यमंत्री बन गईं। एक युवा नेता नाम नहीं छापने की शर्त पर कहते हैं उपरोक्त 28 विधानसभा उपचुनाव में इस बार कमलनाथ जी गुगली डालेंगे। उल्लेखनीय है कि उपरोक्त वाक्या से पूर्व मंत्री स्व. हरवंश सिंह के बेटे पूर्व विधायक रजनीश सिंह का कोई संबंध नहीं है। -खबरचीं