उप्र में दंगे की साजिश कर रहा विपक्ष: योगी

लखनऊ/हाथरस, 4 अक्टूबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि विपक्ष को विकास अच्छा नहीं लग रहा है। वह देश और प्रदेश में जातीय व सांप्रदायिक दंगा भड़काना चाहता है। उन्होंने कहा कि दंगों की आड़ में विपक्ष को सियासी रोटियां सेंकने का मौका मिलेगा और विकास रुकेगा। इसलिए विपक्षी दल नित्य नए षड्यंत्र करते रहते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, हमें साजिशों के प्रति सतर्क रहते हुए विकास की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाना है। मुख्यमंत्री रविवार को अपने आवास पर नौगांव-सादात (अमरोहा) विधानसभा उपचुनाव के संबंध में भाजपा के बूथ, मण्डल और सेक्टर पदधिकारियों से वर्चुअल संबोधित कर रहे थे।
साजिश करने वालों को बेनकाब करें
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा प्रारंभ से ही नर को नारायण और जनता को जनार्दन मान कर राष्ट्र सेवा के कार्य में समर्पित रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में पिछले छह साल में अनेक जनकल्याणकारी काम हुए हैं। वैश्विक महामारी कोरोना के अभूतपूर्व संकट के दौरान भी प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश में बेमिसाल काम हुआ है। कुछ लोगों को जिनका विकास से कोई कभी कोई सरोकार ही नहीं रहा है, उनको यह काम पच नहीं रहे। ऐसे लोग रोज साजिशें रच रहे हैं, इनसे सतर्क रहें, इनकी साजिशों को बेनकाब करें। उन्होंने कहा कि स्व. चेतन चौहान ने विकास का जो सिलसिला शुरू किया था, उसे जारी रखने के संकल्प के साथ हमें जन सेवा के पथ पर आगे बढ़ते रहना है।
फर्जी पोस्ट डालकर मुख्यमंत्री को बदनाम करने की साजिश
दूसरी ओर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक फर्जी बयान सोशल मीडिया पर वायरल कर उन्हें बदनाम करने की साजिश का खुलासा हुआ है। लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली की नरही चौकी के प्रभारी सब-इंस्पेक्टर भूपेन्द्र कुमार सिंह की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई। इस वायरल मैसेज में एक स्क्रीन शॉट लगाकर उसमें मुख्यमंत्री को विवादित बयान देते दिखाया गया है। यह स्क्रीनशॉट फर्जी पाए जाने पर पुलिस ने फेसबुक यूजर मुन्ना यादव के खिलाफ 11 धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। इससे विभिन्न समुदायों के बीच कटुता फैलाने का प्रयास किया गया था।

सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज से जांच कराने की मांग
हाथरस के बूलगढ़ी गांव में दलित युवती की भीषण पिटाई से मौत के मामले में प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के खिलाफ कई राजनीतिक दलों ने मोर्चा खोल रखा है। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी व राष्ट्रीय लोकदल के नेताओं के बाद रविवार को भीम आर्मी के चंद्रशेखर ने भी पीडि़त परिवार से मुलाकात की। परिवार से मिलने के बाद चंद्रशेखर ने इनकी सुरक्षा की मांग करने के साथ ही सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज से केस की जांच कराने की मांग की। यानी चंद्रशेखर को सीबीआइ जांच पर भरोसा नहीं है।
भीम आमी के मुखिया चंद्रशेखर ने बूलगढ़ी गांव में पीडि़तों से मुलाकात के बाद कहा कि परिवार काफी दहशत में है। इस परिवार को वाई श्रेणी की सुरक्षा मिलनी चाहिए।