आधे-आधे बांट लेते तो जनता चुनाव से बच जाती…

मध्यप्रदेश में बेमतलब होने वाले विधानसभा उप चुनाव को लेकर जनता और नेता दोनों परेशान हंै। कोरोना की किल्लत बढ़ी, जान गंवाने के चारों तरफ खतरे हैं। इसलिए एक बड़े नेता नाम नहीं छापने की शर्त पर कहते हैं भाई दोनों आधे-आधे बांट लेत, कमलनाथ की नाक बच जाती वे कह तो सकते 28 में से 14 आ गये और इधर शिवराज ताल ठोंककर कहते सरकार स्थाई हो गई। कितना अच्छा होता इस बात से महल अर्थात महाराजा सिंधिया को भी गुरेज नहीं होता। उक्त नेता कहते हैं लेकिन शतरंज की बाजी कोई छोड़ता है क्या, चाहे जनता पिस जाये। उल्लेखनीय है कि उपरोक्त वाक्या पूर्व मंत्री टिकट से वंचित राकेश चतुर्वेदी से संबंधित नहीं है…। -खबरची