आइटम गले की हड्डी अब निकालेंगे दिग्विजय

विशेष संपादकीय
विजय कुमार दास
मो.9617565&71

मध्यप्रदेश में 28 विधानसभा के उप चुनाव ने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की बंधी मुी खोल दी है। जो मुी लाखों की कहलाती थी, अब वे अपने स्वयं के एक बयान के कारण कमलनाथ की खाख वाली मु_ी बनकर रह गयी है। चाहे कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की समझाइश को कमलनाथ माने या ना माने, परंतु ग्वालियर-चंबल के डबरा विधानसभा क्षेत्र में महिला बाल विकास मंत्री इमरती देवी को बिना नाम लिए आइटम कहने वाला बयान कमलनाथ की गले की हड्डी बन गया है। राहुल गांधी ने तो यह कहकर कि कमलनाथ के आयटम वाले बयान से वे सहमत नहीं हैं, उन्होंने इशारा कर दिया है कि मध्यप्रदेश में यदि कांग्रेस की सत्ता आ भी गयी तो कमलनाथ को मुख्यमंत्री नहीं बनाया जाएगा, क्योंकि राहुल गांधी के बयान के बाद यदि आइटम वाले बयान पर कमलनाथ माफी मांग लेते तो मामला ठण्डा हो जाता परंतु मैं क्यों मांगू माफी, यह राहुल जी के निजी विचार हैं, ऐसा इधर मध्यप्रदेश की महिलाओं को खौलते पानी की तरह नाराज कर लिया, उधर राहुल गांधी ने भी गांठ बांध ली और इशारा भी कर दिया कि कांग्रेस में इस तरह के बयानों की राजनीति की कोई जगह नहीं है। स्मरण हो कि पूर्व मुख्यमंत्री स्व. अर्जुन सिंह कहते थे कि किसी भी बड़े चुनाव के लिए एक मुद्दा हारने व जीतने के लिए काफी होता है, यदि उसे आसमान से जमीन पर उतरते मतदाताओं ने देख लिया या सुन लिया। मतलब यदि स्व. अर्जुन सिंह की बात कांग्रेसी राजनीतिक गहराई को समझ लें तो उन्हें मानना आज नहीं तो कल पड़ेगा कि नवरात्रि के दिन किसी अनुसूचित जाति की महिला मंत्री को आइटम कहकर कमलनाथ ने भाजपा के हाथ में एक ऐसा शस्त्र सौंप दिया है, जो कांग्रेस को पराजित करने के लिए बड़े मुद्दे के रूप में शिवराज-महाराज की जोड़ी जमकर चलाएंगे। यदि यह अतिशयोक्ति नहीं हो तो इस संपादकीय को लिखते-लिखते यह खबर मेरे कानों तक पहुंच रही है कि पूरे प्रदेश में महिलाएं भाजपा के संरक्षण में दुर्गाजी की पूजा के लिए लाल चुनरी पहनकर महिलाओं के अपमान का बदला लेने के लिए चुनरी यात्रा निकालने की तैयारी में हैं। वे इस चुनरी यात्रा में देवी से प्रार्थना करेंगी कि मध्यप्रदेश के महिषासुर जिसने महिलाओं का अपमान किया है, महंगाई बढ़ाई, डीजल-पेट्रोल के दाम बढ़ाए, बेरोजगारी बढ़ाई, किसानों को छला है, ऐसे महिषासुर का वध होना चाहिए। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की सत्ता से भूख उतरती दिखाई पड़ रही है, जब वे अब ‘डिफेंसिवÓ बयान दे रहे हंै, मतलब उन्होंने मान लिया कि आइटम गले की हड्डी हो चुकी, इस संकट से यदि कोई निकाल सकता है तो उनके बड़े कहे या छोटे भाई दिग्विजय सिंह ही निकाल सकते हैं। सो यह लिखने में मुझे संकोच नहीं है कि कमलनाथ ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह से जरुर कहा होगा कि कहां छिप गए हो, तुम्हें मेरे ऊपर हो रहे शिवराज-सिंधिया के हमले की खबर नहीं है, तो दिग्विजय सिंह ने भी कह दिया होगा ‘कमलनाथ जीÓ मैं तो आपका सिपाही और आप मेरे ‘जनरलÓ बताइए क्या आदेश है। खबर यह सच हो सकती है कि कमलनाथ ने कहा है कि चाहे जो हो, ग्वालियर-चंबल जाकर निपटो शिवराज-सिंधिया से, भले ही राजगढ़, ब्यावरा, अशोकनगर, मुंगावली से लड़ाई शुरू की, परंतु आओ मुझे चक्रव्यूह से निकालो। दिग्विजय सिंह भी किसी चाणक्य से कम नहीं, मौका पाते ही कूद पड़े और कहा कि कमलनाथ जी मैं आपका सिपाही हूँ, और आप हमारे जनरल। देखिए आगे-आगे होता है क्या, दिग्विजय सिंह आइटम कमलनाथ के गले की हड्डी बनी, उसे निकालेंगे या मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के चेहरे के रूप मेें दिग्विजय सिंह का पुनर्अवतार होगा, खोज का विषय है।
विशेष संपादकीय के लेखक इस पत्र समूह के
प्रधान संपादक हैं।