हार गई ज़िन्दगी, अंततः टूट गई आशा, 91 घंटे की रेस्क्यू के बाद नहीं बचाया जा सका मासूम प्रहलाद

● हार गई ज़िन्दगी, अंततः टूट गई आशा…

● 91 घंटे की रेस्क्यू के बाद नहीं बचाया जा सका प्रहलाद को…

● बोरवेल में गिर गया था मासूम प्रहलाद…

मध्यप्रदेश के नवीन जिले निवाड़ी में प्रहलाद को बोरवेल में फंसे होने का रेस्क्यू ऑपरेशन अंततः रात 3 बजे पूरा हुआ जहां सेना, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ व जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने जिले के पृथ्वीपुर के सैतपुरा गाँव से 3 वर्षीय प्रह्लाद को रेस्क्यू कर बोरवेल से बाहर निकाला लिया लेकिन 91 घंटो तक चले दिन-रात रेस्क्यू के बाद भी मासूम प्रहलाद को बोरबेल से निकालकर तत्काल मेडिकल टीम की देखरेख में एम्बुलेंस से प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र निवाड़ी भेजा गया जहाँ मौजूद डॉक्टरो की टीम ने प्रहलाद को मृत घोषित कर दिया। लाख कोशिशों के बाबजूद उसे बचाया न जा सका।