बिहार: महागठबंधन की जीत के पूर्वानुमानों के बीच जदयू को साइलेंट वोटर्स पर भरोसा, तो कांग्रेस को भावी विधायकों के टूटने की चिंता

बिहार में विधानसभा चुनाव के एक्जिट पोल्स में राजद महागठबंधन की जीत के पूर्वानुमानों के बीच जदयू साइलेंट वोटर्स के बूते जहां एक बार फिर नीतीश कुमार के नेतृत्व में राजग सरकार बनने के दावे कर रहा, वहीं कांग्रेस खेमे में अपने विजयी होने वाले विधायकों के टूटने के खतरे से खलबली है। दूसरी ओर महागठबंधन और राजद के नेता तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री बनने की संभावनाओं के बीच अपने कार्यकर्ताओं से संयम बरतने की अपील की है।

जदयू के बिहार के कार्यकारी अध्यक्ष अशोक चौधरी के अनुसार, ‘2005 में किसी ने नहीं कहा था कि नीतीश कुमार वापसी करने वाले हैं। 2010 में त्रिशंकु विधानसभा की भविष्यवाणी की गई थी। 2015 में एग्जिट पोल बीजेपी की सरकार बना रहे थे। इसलिए हमें एग्जिट पोल पर भरोसा नहीं करने के कई कारण हैं।’ भाजपा भी सुशासन-विकास के दावे और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की लोकप्रियता के बूते राजग सरकार की फिर वापसी को लेकर आश्वस्त है।

उधर, 10 नवंबर को नतीजे आने के बाद कांग्रेस ने विधायकों में सेंधमारी की आशंका को देखते हुए राहुल गांधी के निर्देश पर कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला, दक्षिण बिहार के प्रभारी वीरेंद्र सिंह राठौर, पंजाब के विधायक गुरूकीरथ सिंह, राजस्थान सरकार के मंत्री रघु शर्मा, राजेंद्र यादव, झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता, स्क्रीनिंग कमेटी के सदस्य काजी निजामुद्दीन जैसे नेता बिहार पहुंच गए हैं। ये नेता जीतने वाले विधायकों को एकजुट रखने के साथ ही भावी सरकार को लेकर सहयोगियों से बात भी करेंगे। कई राज्यों में चुनाव के बाद हुई सेंधमारी की कोशिशों से सबक लेकर कांग्रेस सतर्कता बरत रही है। कांग्रेस को आशंका है कि जैसे-जैसे महागठबंधन के पक्ष में नतीजे आएंगे वैसे-वैसे सेंधमारी का खतरा बढ़ेगा।

कांग्रेस महासचिव सुरजेवाला ने पटना पहुंचने के बाद कहा कि जनता ने वोट सिर्फ सत्ता परिवर्तन के लिए नहीं बल्कि व्यवस्था परिवर्तन के लिए दिया है। एक्जिट पोल के जो नतीजे बताए जा रहे हैं महागठबंधन कहीं उससे से ज्यादा सीटों से प्रदेश में सरकार बनाएगा। उन्होंने कहा कि जनता ने इस बार नौजवान, किसान का विरोध करने वाली बेरोजगारों को दर-दर भटकाने वाली सरकार के खिलाफ वोट किया है।