अनुशासनबद्ध आवागमन, दुर्घटनामुक्त जन-जीवन

सुरक्षित प्रतिक्रियासभी त्यौहार, सभी के लिए खुशियों और हर्षोलास के पलों को मिल बांटकर महसूस कर आनंदित होने का सुअवसर होता है। खुशियों का अंतर्संबंध सुरक्षित रहने से है। यह सुरक्षा लोगों के आवागमन से भी जुडी हुई है। सड़क सुरक्षित हो और उस पर पैदल चलने वाले और अनेकानेक प्रकार के वाहन चलाने वाले सभी सुरक्षित हो,यही आदर्श सड़क सुरक्षा व्यवस्था है।
रात्रि में वाहन चलाने वाले सभी लोगों मे जागृति के लिए कुछ दृष्टि बिन्दु इस प्रकार हैं:
सुरक्षित प्रतिक्रिया तथा ठहरने के लिए धीमी गति में वाहन चलाना चाहिए। अंधेरा होने पर हैडलाइट आंन कर लें।जहाँ रोड़ पर प्रकाश व्यवस्था हो वहाँ हैडलाइट को कम करके चलाएं। अपनी हैडलाइट को साफ और स्वच्छ रखें और बार बार उसकी जांच करें। अपने साथ अतिरिक्त बल्ब भी रखें। अपनी विंडस्क्रीन को साफ रखें क्योंकि गंदी विंडस्क्रीन आपकी देखना की क्षमता को कम करेगी। यदि सामने से आने वाले वाहन की लाइट हाई बीम पर है और चौंधियाने वाली है तो उसे न देखें और अपने वाहन को गति कम कर दे। यदि पीछे से आते वाहन की चमक आपकी आंखों में लग रही है तो वाहन के भीतर के रियर व्यू मिरर्र को रात्रि पोजीशन में करें या हलके से झुका लें या बाहरी रियर को झुका लें। किसी वाहन को ओवरटेक करने के पूर्व सुनिश्चित कर लें कि सामने से आने वाला वाहन सुरक्षित दूरी पर है।ओवर लोडिंग न करें, न सामान की न सवारी की।वाहन चालक चौपहिया वाहन पर सुरक्षित ढंग से सीट बेल्ट अवश्य लगाएं । वाहन चालक दुपहिया पर गुणवत्तायुक्त हेलमेट सही ढंग से अवश्य पहने। मानव जीवन सभी का अनमोल है अत: सावधानीपूर्वक इसको जीना चाहिए। सावधानी हटने से दुर्घटना घटने की संभावना प्रबल हो जाती है। हम सब देश के मानव संसाधन है और उसके बहुआयामी और बहुमुखी विकास के लिए अपने जीवन को समर्पित रखना चाहिए, योगदान देना चाहिए न कि तेज़ और लापरवाही से वाहन चला कर स्वयं का और देश का नुकसान करने के लिए।
सुप्रसिद्ध कवि कबीर दास जी ने मनुष्य को उसके जीवन के अनमोल होने का अहसास दिलाया है, जो इस प्रकार है:
दुर्लभ मानुष जन्म है, देह न बारम्बार,
तरुवर ज्यों पत्ता झड़े, बहुरि न लागे डार।
अर्थ- इस संसार में मनुष्य का जन्म मुश्किल से मिलता है। यह मानव शरीर उसी तरह बार-बार नहीं मिलता जैसे वृक्ष से पत्ता झड़ जाए तो दोबारा डाल पर नहीं लगता।
अत: सावधानीपूर्वक यातायात के नियमों का पालन करते हुए उत्साह से वाहन चलाने चाहिए। और सड़क निर्माण करने वालों को हर दृष्टिकोण से सडक को सुरक्षित बनाना चाहिए। पुलिस और यातायात विभाग को यातायात के नियमों का दृढ़ इच्छाशक्ति से लोगों से पालन करवाना चाहिए।
(लेखक युवा अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक पीटीआरआई मध्यप्रदेश हैं।)