टुकड़ों में बिकेगी सहारा ऐंबी वैली, सुप्रीम कोर्ट ने दी मंजूरी

नई दिल्ली, 9 फरवरी। सहारा की ऐंबी वैली को कई टुकड़ों में बांटकर बेचा जाएगा। बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने इसकी मंजूरी दे दी। बॉम्बे हाई कोर्ट के द्वारा नियुक्त लिक्विडेटर ने सुप्रीम कोर्ट से ऐंबी वैली को कई हिस्सों में बांटकर नीलामी की इजाजत मांगी थी। उसी के आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश दिया है। लिक्विडेटर ने कोर्ट को जानकारी दी थी कि सहारा ऐंबी वैली के ऑक्शन प्रोसेस में अबतक किसी भी पार्टी ने रुचि नहीं दिखाई है। इसके बाद तीन सदस्यीय जजों की स्पेशल बेंच ने लिक्विडेटर को इसे टुकड़ों मे बांट बेचने की इजाजत दे दी। जजों की स्पेशल बेंच में चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस रंजन गोगोई और जस्टिस ए. के सीकरी शामिल हैं। स्पेशल बेंच ने अपने आदेश में ऐंबी वैली के चल-अचल संपत्तियों की नीलामी के लिए सहमति दे दी है। इसी बीच सुप्रीम कोर्ट को जानकारी दी गई कि दो भारतीय कंपनियों महिंद्रा लाइफस्पेस डिवेलपर और परिमल ग्रुप ने इन संपत्तियो को खरीदने में रुचि दिखाई है। सुनवाई के दौरान सेबी के तरफ से नियुक्त वकील अरविंद दातार ने सुप्रीम कोर्ट को याद दिलाया कि सहारा के पास निवेशकों के 11,569.8 करोड़ रुपये बकाया हैं। इस बात का सहारा की तरफ से मौजूद वकील विकास सिंह ने खंडन किया और कहा कि कंपनी के निवेशकों का वेरिफिकेशन जरूरी है, इसलिए हमने पूरे सिस्टम को 50 करोड़ रुपये खर्च करके डिजिटल बनाया है । इसपर कोर्ट ने असहमति जताते हुए कहा, पानी अब सर के उपर से बह चुका है, सहारा को निवेशकों कै पैसे वापस करने पर ध्यान देना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने ऐंबी वैली में बिजली, पानी और मेनटेनेंस का काम देखने वाली फर्म्स को एजेंटे्स ऑफ रिसीवर्स बनने का आदेश दिया है। उन्होने इन फर्म्स को यह सुनिश्चित करने को कहा कि प्रॉपर्टी की वैल्यूएशन में गिरावट नहीं होनी चाहिए।
कोर्ट ने ऐंबी वैली का सर्वे करने और वैल्यूएशन प्रोसेस में सहायता के लिए एक आर्किटेक्ट की नियुक्ति को मंजूरी भी दी है।