जेईई मेन परीक्षा का पूरा शेड्यूल जारी

केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ने बुधवार को जेईई मेन परीक्षा का पूरा शेड्यूल जारी कर दिया है। शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ‘ने बुधवार को घोषणा करते हुए कहा कि जेईई मुख्य) परीक्षा अगले साल चार बार होगी। मंत्रालय द्वारा परीक्षा आयोजित करने के लिए प्राप्त सुझावों की समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया गया। चार परीक्षा सत्र फरवरी, मार्च, अप्रैल और मई 2021 में आयोजित किए जाएंगे। फरवरी में पहला परीक्षा सत्र 23 फरवरी से 26 फरवरी 2021 के बीच होगा।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने इससे पहले अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर आज शाम 6 बजे के आसपास जेईई मेन 2021 की तारीखों की घोषणा करने की जानकारी दी थी।                                                               

मंत्री ने कहा था कि वह इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा के लिए जेईई मेन 2021 के प्रयासों की संख्या के बारे में भी सूचित करेंगे।

इससे पहले 15 दिसंबर को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी एनटीए) ने jeemain.nta.nic.in पर एक अधिसूचना जारी की जिसमें जेईई मेन 2021 की तारीखों और अन्य सूचनाओं के बीच एक नया परीक्षा पैटर्न का उल्लेख किया गया था। हालांकि बाद में किसी कारण से इस सूचना को कुछ घंटों के भीतर वापस ले लिया गया और एक स्पष्टीकरण जारी किया गया जिसमें कहा गया था कि जेईई मेन 2021 डेट्स को अंतिम रूप नहीं दिया गया था। पूरे मामले ने उम्मीदवारों को असमंजस की स्थिति में छोड़ दिया गया।

शिक्षा मंत्री ने बताया कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने तय किया है कि परीक्षा में 90 प्रश्न होंगे, उम्मीदवारों को उनमें से किसी भी 75 को हल करना होगा। शेष 15 वैकल्पिक प्रश्नों में नेगेटिव मार्किंग भी नहीं किया जाएगा। मेरिट सूची/रैंकिंग उम्मीदवार के सर्वोत्तम स्कोर के आधार पर तैयार की जाएगी। शिक्षा मंत्री ने बताया कि नई शिक्षा नीति के मद्देनजर, जेईई मेन्स) 2021 परीक्षा 13 भाषाओं में आयोजित की जाएगी -हिंदी, अंग्रेजी, असमिया, बंगाली, गुजराती, कन्नड़, मलयालम, ओडिया, पंजाबी, तमिल, तेलुगु और उर्दू। कंप्यूटर आधारित टेस्ट मोड में आयोजित होने वाली परीक्षा, B.Arch के लिए ऑफ़लाइन मोड में होगी।

पहले प्रयास में छात्रों को परीक्षा देने का पहला अनुभव प्राप्त होगा और उन्हें अपनी गलतियों का पता चलेगा जिसे वे अगली बार प्रयास करते समय सुधार सकते हैं। इससे एक साल ड्रॉप करने की संभावना कम हो जाएगी और ड्रॉपर को पूरा साल बर्बाद नहीं करना पड़ेगा। एजेंसी ने कहा कि अगर किसी ने नियंत्रण से बाहर होने के कारण परीक्षा में चूक की, तो उसे पूरे एक साल तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। छात्र की सर्वश्रेष्ठ 2021 NTA स्कोर मेरिट सूची/रैंकिंग की तैयारी के लिए माना जाएगा