सुंदरानी के हाथों हुआ राजश्री स्टूडियो का शुभारम्भ

मकसद पैसा कमाना नहीं है , कलाकारों को बढ़ाना मंच देना है
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी का उपनगर कहे जाने वाले बीरगांव शहर में राजश्री स्टूडियो का शुभारम्भ हुआ, जिसका मकसद पैसा कमाना नहीं है , बल्कि कलाकारों को बढ़ाना मंच देना है. छालीवुड के भीष्म पितामह मोहन सुंदरानी ने फीता काटकर स्टूडियो का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार एवं राष्ट्रीय हिंदी मेल के सम्पादक अरुण बंछोर, सुशील जांगड़े एवं भूपेंद्र धृतलहरे मौजूद थे. मुख्य अतिथि मोहन सुंदरानी ने कहा कि इस स्टूडियो से नए कलाकारों को मार्गदर्शन और प्रोत्साहन मिलेगा। निश्चित ही राजश्री स्टूडियो कलाकारों के लिए मिल का पत्थर साबित होगा। विशेष अतिथि अरुण बंछोर ने कहा कि मुझे इस स्टूडियो का मकसद जानकर बहुत अच्छा लगा, सबका मकसद पैसा कमाना होता है लेकिन इनका मकसद कलाकारों को आगे बढ़ाना है. इस अवसर पर श्री सुंदरानी ने हेमलाल चतुर्वेदी को बेस्ट पंथी गायक के तौर पर सम्मानित किया। निर्माता अरविन्द कुर्रे ने श्री सुंदरानी का अपने स्टूडियो में आत्मीय स्वागत किया।