हमने वह कर दिखाए हैं जो 15 साल में नहीं हुए थे – भूपेश बघेल

सरकार के 2 साल पूरे, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, हमने जनता का भरोसा जीता
रायपुर। प्रदेश में कांग्रेस सरकार के दो साल पूरे होने पर सीएम हाउस में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि जो काम पिछले 15 साल में नहीं हुए वह हमने करके दिखाए हैं। नक्सल समस्या हो , आदिवासियों , व्यापारियों या किसानों का दुख हो हम सदैव साथ हैं। सभी का भरोसा टूट चुका था। हमने दो साल में लोगों का भरोसा फिर हासिल किया है। अन्नदाता की आंखों में आए आंसू पौछें हैं और उसके चेहरे पर मुस्कराहट लाए हैं। कोरोनाकाल की कठिन परिस्थितियों में हमें केंद्र से कोई मदद नहीं मिली, लेकिन फिर भी कर्मचारियों का वेतन हमने नहीं काटा। हमने विपरीत परिस्थितियों का सामना करके प्रदेशवासियों के लिए पिछले दो साल में बेहतर कार्य करने का प्रयास किया है। हमारी सरकार के सभी सदस्यों ने कोरोना काल में बेहतर कार्य किया है। स्वास्थ्यकर्मी और पुलिस भी पीछे नहीं रहे हैं। पिछले 15 साल में जो चल रहा था, वह किसी से छिपा हुआ नहीं था। आदिवासी परेशान हो चुके थे, लेकिन दो साल में हमने जो किया है उसका जवाब अब वे खुद दे रहे हैं। हमारे फोकस में 18 लाख आदिवासी परिवार हैं जिन्हें मुख्यधारा से जोडऩे के साथ ही उन्हें हर सुविधा देना हमारी प्राथमिकता में शामिल है। इसके साथ ही हम जंगलों को बचाने का भी प्रयास कर रहे हैं। श्री बघेल ने कहा कि हमने किसानों से जो वादे किए हैं वह सभी पूरे किए हैं। बोनस का जो इश्यू था वह भी हम एकमुश्त देकर पूरा करने जा रहे थे, लेकिन कोरोनाकाल के चलते कुछ दिक्कत आई थी, लेकिन वह सब अब सुलझा ली गई है। किसानों के सामने धान, बोनस और इससे संबंधित कोई परेशानी नहीं आने देंगे। अब हम पूरा फोकस शिक्षा और पर्यटन स्थलों को विकसित करने पर है। हम स्कूल शिक्षा को लेकर काफी गंभीर है। कोरोनाकाल में भी हमने बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होने दी है और पढई तुंहर दुआर योजना के जरिए हर बच्चे तक शिक्षा पहुंचाने का प्रयास किया है। इसी तरह रामवन गमन पथ को लेकर भी सरकार गंभीरता से काम कर रही है और इन सभी प्रमुख स्थलों को विकसित करने जा रही है। पिछली सरकार ने अपने 15 साल में नक्सल को लेकर कोई नीति ही नहीं बनाई थी, जिसका खमियाजा प्रदेश ने उठाया है। गोली का जवाब गोली हो भी नहीं सकता है। गलत कार्रवाईयों के कारण आदिवासी और पुलिस दोनों का सरकार से भरोसा टूट चुका था। हम इस पर एक रणनीति बनाकर काम कर रहे हैं और हमारी कोशिश है कि हम इसमें जल्द ही सफलता हासिल करेंगे। सरकार के कामों की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि हमने गांवों को मजबूत बनाया। किसानों को पैसा दिया, जो बाजार में आया। इसी कारण अर्थव्यवस्था का पहिया बराबर चलता रहा और हमने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को कमजोर नहीं पडऩे दिया। वहीं दूसरे प्रदेश आज भी जूझ रहे हैं। यही कारण रहा है कि हमारा जीएसटी कलेक्शन बहुत अच्छा रहा। इसे राष्ट्रीय स्तर पर भी सराहा गया है। कोरोनाकाल के दौरान दूसरे राज्यों की तरह ही हमारे पास भी कर्मचारियों की वेतन कटौती का प्रस्ताव आया था, लेकिन हमने इसे सिरे से खारिज कर दिया। ऐसी विकट परिस्थितियों में हम नहीं चाहते थे कि कर्मचारी दुखी हो। पहले केंद्र ने कहा हम कोरोना से लड़ाई में राज्य को हर संसाधन देंगे। राज्य कोई जांच किट नहीं खरीदे। पीपीई किट भी उन्होंने ही देने का बोला, लेकिन बाद में हाथ खड़े कर दिए। आखिरकार राज्य सरकार को ही यह सब खरीदना पड़ा और अपने बलबूते पर कोरोना से संघर्ष करना पड़ रहा है। हमने संक्रमण को नियंत्रित करने में काफी हद तक सफलता पाई है।