नौकरशाही ने भी गैरकानूनी भवन निर्माण करा लिया…

मध्यप्रदेश में यदि गैरकानूनी काम कोई आम गरीब आदमी कर बैठे तो उसकी जिन्दगी बर्बाद होने तक उसे सजा दी जाती है, यूं कहा जाए कि आम आदमी की भूल से भी छोटी-सी गलती हो जाए तो सजा इतनी बड़ी कि वह समाज में, परिवार में भी सर उठाकर जी नहीं सकता। परन्तु यह एक चौंकाने वाला भयावह गैरकानूनी काम राजधानी में उन नौकरशाहों ने कर डाला है, जिनके कन्धों पर नीतिगत कानून बनाने की ही जिम्मेदारी है। सूत्रों के अनुसार दर्जनों बड़े नौकरशाहों ने ‘लो-डेन्सिटीÓ वाले बिसनखेड़ी इलाके में भवन अनुज्ञा कानून की धज्जियां उड़ाते हुए हॉस्टल तक बना डाले, मास्टर प्लान में निर्धारित .06 प्रतिशत निर्माण करने के कानून को रद्दी की टोकरी में डालकर बेतहासा निर्माण इसलिए कर लिया, क्योंकि इन्हें पता था कि टी.एन.सी.पी. या नगर निगम के आयुक्त की औकात क्या है, जो गैरकानूनी काम रूक जाएगा। उल्लेखनीय है कि उपरोक्त वाक्या से वर्तमान मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस तथा प्रमुख सचिव वन अशोक वर्णवाल का कोई संबंध नहीं है। -खबरची