असली विधायक कमजोर, डुप्लीकेट मजबूत…

नर्मदापुरम संभाग के अंतर्गत आने वाले एक जिले के बीजेपी विधायक को लेकर उनके क्षेत्र में असली और डुप्लीकेट विधायक को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। दरअसल विधायक के निजी सहायक इतने पावरफुल हैं कि लोग अपनी समस्या लेकर विधायक के घर ना जाकर निजी सहायक के घर पहुंचते हैं। और निजी सहायक क्षेत्र के लोगों को निराश भी नहीं होने देते। यही वजह है कि अब विधायक के विधानसभा क्षेत्र में असली और डुप्लीकेट को लेकर चर्चा छिड़ी हुई है। सूत्रों के मुताबिक यह मामला भाजपा के प्रदेश संगठन के संज्ञान में भी है। आखिर क्षेत्र का असली विधायक कौन है? विधायक अपने सहज और सरल स्वभाव की वजह से पसंद किए जाते हैं। इसी का फायदा उठाकर उनके निजी सहायक अपनी राजनीतिक पृष्ठभूमि तैयार करने में लगे हुए हैं। और तो और डुप्लीकेट विधायक ने ना जाने ऐसी कौन सी घुट्टी असली विधायक को पिला दी है कि वो भी इनके बिना कोई फैसला नहीं लेते हैं। बता दें कि यह वाक्या बैतूल जिले के सारणी-आमला विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रेे को लेकर नहीं लिखा गया है। -खबरची