जाने-माने अभिनेता बिस्वजीत चटर्जी आईएफएफआई 51 के समापन समारोह में इंडियन पर्सनेल्‍टी ऑफ द ईयर से विभूषित

“बांग्लादेश और भारत एक हैं, अलग नहीं”

गोवा में भारत के 51वें अंतर्राष्‍ट्रीय फिल्‍म समारोह में हिन्‍दी और बांगला सिनेमा के दिग्गज अभिनेता, निर्माता, निर्देशक और गायक श्री बिस्वजीत चटर्जीको आज, 24 जनवरी, 2021 को गोवा में इंडियन पर्सनेल्‍टी ऑफ द ईयर से सम्मानित किया गया है। अभिनेता कोयह पुरस्कार आज समापन समारोह में गोवा के राज्यपाल श्री भगत सिंह कोशियारी, गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत और केन्‍द्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री श्री बाबुल सुप्रियो ने एक साथ भेंट किया।

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पुरस्कार की घोषणा 16 जनवरी, 2021 को महोत्सव के उद्घाटन समारोह में केन्‍द्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री श्री प्रकाश जावड़ेकर ने की थी।

इस अवसर पर जाने-माने अभिनेता ने कहा: “मैं इस पुरस्कार से सम्मानित करने के लिएभारत सरकार और सूचना और प्रसारण मंत्रालय को तहे दिल से धन्यवाद देता हूं। इस साल, हमें पता चला कि बांग्लादेश हमारा केन्‍द्र बिन्‍दु देश है, एक ऐसा देश जिसके साथ मेरा गहरा संबंध है। जब बांग्लादेश पर हमला हो रहा था, तब मुंबई में प्रतिभाशाली निर्देशक रित्विक गटक मेरे साथ थे और हम बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान के भाषणों से प्रेरित होते थे। फिर ऋत्विक दा के सुझाव के अनुसार, हमने डॉक्यूमेंट्री देयर फ्लोज पद्मा, द मदर रिवरबनाई; मैंने बाद में ढाका जाकर इसे बंगबंधु को भेंट किया। मुझे उनके कार्यालय में दो चित्र मिले, जो गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर और नेताजी सुभाष चंद्र बोस के थे। बांग्लादेश से मिले प्यार को मैं कभी नहीं भूल सकता। बांग्लादेश और भारत एक हैं, हम भाई-भाई हैं; हम अलग नहीं हैं। ”

अभिनेता ने याद किया और गायक और निर्माता हेमंत कुमार के प्रति आभार व्यक्त किया, जो उन्हें बांग्लादेश से मुंबई ले आए।

इस अवसर पर दिखाए गए एक वीडियो में प्रसिद्ध अभिनेता ने जीवन में उपलब्धि पर अपने विचार साझा किए, खासकर एक कलाकार के रूप में: “एक कलाकार, एक अभिनेता के रूप में, मैं कुछ बनना चाहता था। मैं एक अखिल भारतीय अभिनेता बनना चाहता था, न कि केवल पश्चिम बंगाल में जाना जाने वाला अभिनेता। अगर किसी के दिल में यह विश्वास है कि वह कुछ हासिल कर पाएगा, तो अपने आप पर विश्वास बनाए रखें और चुने हुए रास्‍ते से नहीं भटकें, उसे हर हाल में उपलब्धि हासिल होगी। जब आपको कोई भूमिका मिलती है, तो भूमिका निभाएं जैसे कि आप उस भूमिका के लिए चुने गए सबसे अच्छे व्यक्ति हैं। एक कलाकार की तलाश अंत तक खत्म नहीं होती है। ”

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बिस्वजीत चटर्जी को फिल्‍म बीस साल बाद में कुमार विजय सिंह की उनकी भूमिका, म्‍यूजिकल ड्रामा कोहरा में राजा अमित कुमार सिंह, रोमांटिक फ़िल्म अप्रैल फूल में अशोक, मेरे सनम में रमेश कुमार, नाइट इन लंदन में जीवन, दो कलियां में शेखर और किस्‍मत में विक्की के किरदारों के लिए जाना जाता है। उन्हें आमतौर पर आशा पारेख, वहीदा रहमान, मुमताज, माला सिन्हा और राजश्री जैसी जानी-मानी अभिनेत्रियों के साथ जोड़ा जाता था। उनकी कुछ बांगला फ़िल्मों में चौरंगी (1968) और उत्तम कुमार और कुहेली के साथ गढ़ नसीमपुर और बाद में श्रीमान पृथ्वीराज (1973), जय बाबा तारकनाथ (1977) और अमर गीती (1983) शामिल हैं। 1975 में, बिस्वजीत ने अपनी फिल्म कहते हैं मुझको राजा का निर्माण और निर्देशन किया। अभिनय और निर्देशन के अलावा, वह एक गायक और निर्माता भी रहे हैं।

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