जंगली जानवरों से न हो जन-धन हानि, वन विभाग सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करे

CM शिवराज ने दिए निर्देश, हाथियों के हमले में मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख मंजूर

भोपाल : मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि जंगली जानवरों के हमलों से किसी भी प्रकार की जन-धन हानि नहीं होनी चाहिए। इस संबंध में वन विभाग पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करे। सीधी जिले के ग्राम खैरी में जंगली हाथियों के हमले से हुई जन-धन हानि अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। इस प्रकार की घटनाएं अनयत्र न हों यह सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने वन विभाग की वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में ये निर्देश दिए हैं। बैठक में प्रमुख सचिव वन श्री अशोक वर्णवाल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री राजेश श्रीवास्तव, मुख्य वन्य प्राणी अभिरक्षक श्री आलोक कुमार आदि उपस्थित थे। सीधी जिले के संजय टाईगर रिजर्व के बफर क्षेत्र में ग्राम खैरी में सोमवार को जंगली हाथियों के आक्रमण से तीन व्यक्तियों की मृत्यु हो गई थी।

*समस्त सुरक्षात्मक उपाय करें*

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए कि जंगली जानवरों से सुरक्षा के लिए सभी सुरक्षात्मक उपाय किए जाएं। वन विभाग इसके लिए विशेष दलों का गठन करे, जिनके पास उपयुक्त वाहन, वायरलेस तथा अन्य सुरक्षात्मक उपकरण हों। दल के कार्यों की निगरानी प्रतिदिन वरिष्ठ अधिकारी करें।

*ईको विकास समितियों को सक्रिय करें*

जंगली हाथियों व अन्य जंगली जानवरों से सुरक्षा के लिए ग्रामों में ईको विकास समितियों को सक्रिय करें तथा प्रत्येक ग्राम स्तर की एक रिस्पांस टीम बनाई जाए। यह टीम टाईगर रिजर्व के प्रबंधन से लगातार सम्पर्क में रहे। जंगली जानवरों के विचरण के संबंध में ग्रामवासियों को लगातार सूचनाएं दी जाएं।

*हाथियों के मूवमेंट पर निगरानी रखें*

वन विभाग के अधिकारी तथा कर्मचारी हाथियों के मूवमेंट पर सतत निगरानी रखें। हाथियों के दल को आबादी क्षेत्र से वनों की ओर ले जाने के प्रयास करें। यदि हाथियों का दल बस्ती की ओर आता है, तो ग्रामवासियों को समय रहते सचेत करें, जिससे किसी तरह की दुर्घटना न हो। हाथियों का आबादी क्षेत्र में प्रवेश रोकने के लिये वन विभाग के अधिकारी कार्ययोजना तैयार करें। हाथियों के मूवमेंट के संबंध में लाउड स्पीकर के माध्यम से ग्रामवासियों को लगातार सूचनायें दें।

*ग्रामीणों को जागरूक करें*

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए कि जंगली जानवरों से बचाव के संबंध में ग्रामीणों को जागरूक किया जाए। इस संबंध में जागरूकता अभियान चलाया जाए तथा कार्यशालाएं आयोजित करें। इनमें पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, छत्तीसगढ़ आदि राज्यों से हाथी विशेषज्ञ बुलाए जाएं। 

*ऐसे खदेड़ें जंगली हाथियों को*

जंगली हाथियों को खदेड़ने के लिए मिर्ची पाउडर का उपयोग, फटाखे फोड़ना तथा आग लगाना जैसे उपाय किए जाएं। हाथियों की निरंतर निगरानी के लिए हाथी दल के मुखिया की “रेडिया कॉलरिंग” के संबंध में विशेषज्ञों से चर्चा की जाए।

*परिजनों को चार-चार लाख रूपये की सहायता मंजूर*

सीधी जिले के पोंड़ी बस्तुआ क्षेत्र के ग्राम खैरी में जंगली हाथियों के हमले से सोमवार को दो बच्चों सहित तीन व्यक्तियों की मौत हो गई। इस दुर्घटना में गोरेलाल यादव 50 वर्ष, रामलाल 10 वर्ष तथा रामप्रताप 8 वर्ष की मौत हो गई। मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रूपये की आर्थिक सहायता मंजूर की गई है। साथ ही अन्त्येष्टि के लिये पांच-पांच हजार रूपये की सहायता राशि तथा संकटापन्न परिवारों को दस-दस हजार रूपये की अतिरिक्त सहायता मंजूर की गई है।

*घर की मरम्मत के लिए 01-01 लाख रूपए*

हाथियों द्वारा जिन घरों को नुकसान पहुंचाया गया है उनकी मरम्मत के लिये एक-एक लाख रूपये की सहायता राशि दी जायेगी। हाथियों ने जिन आवासों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया है, उनके भवन मालिकों को प्रधानमंत्री आवास योजना से नवीन आवास मंजूर किये जायेंगे।