एक अतिरिक्त मुख्य सचिव ऐसे भी हैं, 8 साल से कोई अखबार ही नहीं पढ़ा…


मध्यप्रदेश की नौकरशाही में एक अतिरिक्त मुख्य सचिव ऐसे भी है, जिन्हें समाचार पत्रों की दुनिया ही ‘बेईमानी लगती है। बताते हैं कि इसी अवधारणा के चलते उक्त नौकरशाह ने 8 साल से कोई अखबार नहीं पढ़ा है। जब कोई उनसे पूछता है तो वे कह देते हैं अखबार पढऩे से कोई फर्क नहीं पड़ता, जब जिसकी सरकार हो उसका आदेश मानो, चाहे शिवराज हो या कमलनाथ हो। और तो और वे यहां तक भी कहते हैं कुछ टीवी चैनलों के बकवास भी उन्हें पसंद नहीं है। एक युवा आयएएस अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा अखबार तो उक्त नौकरशाह चोरी-चोरी पढ़ते हैं, जब खबर उनको या उनके विभाग की बदनामी से जुड़ा होता है क्योंकि बदनामी से बचने या बचाने के लिए तथ्यों की जानकारी संबंधित अखबार से ही मिलती है। यह बात अलग है कि ‘अखबारÓ की बजाय वे अखबार का डिजिटल संस्करण पढ़ते हैं, परंतु पढऩा तो तब भी अखबार ही होता है। खैर मन को बहलाने और अखबार नबीसों को टहलाने के लिए उक्त एसीएस का फंडा अच्छा है, लेकिन वे भूल जाते हैं कि जब जरूरत पड़ी तब अखबार के मित्र ही आज तक काम आए हैं कोई और नहीं। उल्लेखनीय है उपरोक्त वाक्या अतिरिक्त मुख्य सचिव मोहम्मद सुलेमान से संबंधित नहीं है। -खबरची