सिंधिया की सियासत सबसे बड़ी…


मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री के रूप में अपनी चौथी पारी का एक वर्ष का कार्यकाल 23 मार्च को पूरा करेंगे, परन्तु सत्ता के गलियारों में और राजनीति के किरदारों में महाराजा ज्योतिरादित्य सिंधिया को लेकर चर्चाओं का बाजार जितना गर्म है, उतना 70 साल के इतिहास में सिंधिया घराने को लेकर कभी नहीं हुआ। यंू कहा जाए कि इस दफे राजनीतिक पर्यवेक्षकों ने भी यह घोषित कर दिया है कि मध्यप्रदेश में सिंधिया घराने के बिना राजनीति नहीं हो सकती। संविद का जमाना भी यदि आपको स्मरण हो तब भी राजमाता विजयाराजे सिंधिया की सरकार थी, मोतीलाल वोरा एवं दिग्विजय सिंह भी माधवराव सिंधिया की बदौलत मुख्यमंत्री बन पाये थे। ताजा उदाहरण तो हमारे समाने यह है कि 15 महीनों की कमलनाथ सरकार भी सिंधिया ने बनवाई थी और आज भाजपा की मध्यप्रदेश में शिवराज सरकार भी सिंधिया के बदौलत है। इसलिए आज हमारा यह कालम सिंधिया के नाम है। जिसमें 100 प्रतिशतत यह दावा है कि मध्यप्रदेश में ग्वालियर के महाराजा ज्योतिरादित्य सिंधिया की सियासत सबसे बड़ी है। – प्रकाशक