अगर हम ‘ न ‘ होते…

मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह चौहान की चौथी पारी का एक वर्ष पूरा हुआ तो खुशियां भाजपा नेताओं से ज्यादा नौकरशाही में एक वर्ग समूह ने भी खूब मनाया। बताया जाता है कि 1987 बैच की एक महिला आईएएस अधिकारी ने अपने दोस्तों से कहा है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और महाराजा ज्योतिरादित्य सिंधिया को प्रदेश की उस नौकरशाही का अहसान मानना चाहिए, जिनका अपमान कमलनाथ सरकार में ओएसडी तो छोडि़ए, कमलनाथ के सुरक्षा गार्ड ही कर देते थे, जब पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को सूचना मिलती थी कि ‘सम ब्यूरोक्रेट्स आर इंसलटेडÓ तो वे हंसते हुए कह देते थे चलो-चलो सब ठीक है, ऐसा ही चलता है। बताते हंै उक्त महिला आईएएस अधिकारी का दावा है कि महाराज ज्योतिरादित्य सिंधिया के अपमान की आग में ‘घीÓ डालने का काम 1987 बैच के आईएएस लोगों ने ही किया था, जिससे कमलनाथ सरकार डूब गई और मध्यप्रदेश में सिंधिया के कारण शिवराज का कमल खिल गया। उक्त महिला आईएएस अधिकारी हालांकि अपमान की त्रासदी से सरकार की नौकरी छोड़ गई हैं, परन्तु यह कहने में नहीं चूकती हंै कि अगर हम न होते तो शिवराज जी सरकार आपकी नहीं बनती, जरा हमारा भी अहसान मानिए। उल्लेखनीय है कि उपरोक्त वाक्या महिला आईएएस अधिकारी श्रीमती गौरी सिंह से संबंधित नहीं है। -खबरची