एक महिला आईपीएस को मौका मिले तो चौका लगाने तैयार…


मध्यप्रदेश में पुलिस गृह निर्माण मण्डल एक ऐसी सरकारी संस्था है, जहां पर अध्यक्ष पद पर उन्हीं आईपीएस अधिकारियों को नियुक्त किया जाता है जिनको रिटायर होने में बमुश्किल 6 महीने, 8 महीने, कभी-कभी 2 महीने होते हैं, तो वे बेचारे अध्यक्ष बनकर आते हैं और जहां हजारों पुलिस कर्मियों के लिए मकान बनाना एक महत्वपूर्ण चुनौती है, वहां पर वे ग्रेच्युटी और पेंशन का हिसाब करते चले जाते हैं। इसी के चलते अब एक वरिष्ठ महिला आईपीएस अधिकारी का दावा है कि पुलिस गृह निर्माण मण्डल एकमात्र ऐसी संस्था है, जो पुलिस कर्मियों में सरकार के भरोसे को स्थापित करने में अहम भूमिका निभाती है। मतलब सरकार पुलिस कर्मियों को मकान दे तो सरकार पर भरोसा जगाना स्वाभाविक है, वे आगे कहती हैं यदि वीके सिंह के रिटायर्ड होने के बाद सरकार उन्हें मौका दे तो वे भरोसा कायम करने में चौका जरूर लगायेंगी। उल्लेखनीय है कि उपरोक्त वाक्या वरिष्ठ आईपीएस महिला अधिकारी अरुणा मोहन राव को लेकर नहीं लिखा गया है। -खबरची