लॉकडाउन में घोटाला भी गायब हो गया…

मध्यप्रदेश में शिवराज सरकार कोरोना महामारी की चुनौतियों से निपटने के लिए जद्दोजहद के मुहाने पर है, मतलब कोरोना के अलावा अब सभी अन्य राजनीतिक व प्रशासनिक फैसले ठंडे बस्ते में हैं। इसी के चलते एंटी माफिया अभियान भी ठंडा पड़ा, घोटालेबाजों की फाइलों ने राहत की सांस ले ली या दबाए जाने की स्थिति में उसे पहुंचा दिया गया है। सूत्रों के अनुसार एक सचिव स्तर के रिटायर्ड नौकरशाह ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि एक अतिरिक्त मुख्य सचिव को बचने का रास्ता मिल गया है, जिसे उम्र भर के लिए जेल जाना चाहिए। बताया जाता है पीड़ा व्यक्त करने वाला सचिव स्तर का रिटायर्ड नौकरशाह रमेश थेटे हैं, जिसने अपने मित्रों से कहा है कि उसे यदि अवसर मिला तो किसी भी दिन भरे चौराहे में वह उस अतिरिक्त मुख्य सचिव का बाजा बजाएगा, जिसने उसे तबाह किया है। बताते हैं थेटे ने कहा है कि लॉकडाउन में घोटालेबाज अपना घोटाला गायब कराने के फिराक में भी हैं, जिसमें टेंडर घोटाला, तो भयंकर बड़ा घोटाला है। घोटालेबाजों की लंका में आग लगाने के लिए पूंछ उपलब्ध नहीं हो पा रही है, आश्चर्यजनक चौंकाने वाली घटना है। -खबरची