कोरोना संक्रमण रोकने के लिए जन-जागृति आवश्यक – मुख्यमंत्री श्री चौहान

कोरोना के संबंध में जागरूकता के लिए मीडिया से सहयोग की अपील
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने की स्वास्थ्य आग्रह आयोजन की शुरूआत 

भोपाल : मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि 6 अप्रैल बहुत ऐतिहासिक और पवित्र दिन है। आज ही के दिन महात्मा गांधी की दांडी यात्रा का समापन हुआ और 6 अप्रैल को ही भारतीय जनता पार्टी का गठन हुआ। यह सुखद संयोग है कि आज 6 अप्रैल को हम गांधी प्रतिमा के समक्ष स्वास्थ्य आग्रह के लिए बैठे हैं। महात्मा गांधी ने सत्याग्रह कर देश को आजाद कराया। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने स्वच्छ आग्रह कर देश को स्वच्छ बनाया। इसी कड़ी में आज मैं स्वास्थ्य आग्रह के लिए महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष हूँ। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज कोरोना संक्रमण रोकने के लिए जन-जागृति पैदा करने के उद्देश्य से मिंटो हॉल के समक्ष स्थित गांधी प्रतिमा के समीप आयोजित स्वास्थ्य आग्रह में पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि स्वास्थ्य आग्रह में कोरोना के बढ़ते संक्रमण को नियंत्रित करने के संबंध में कैबिनेट बैठक भी होगी। इसके साथ ही प्रदेश के जिलों के प्रमुख व्यक्तियों, व्यापारी संगठनों, स्वयंसेवी समूहों, शिक्षा जगत से जुड़े व्यक्तियों, परिवहन व्यवसाय से जुड़े व्यक्तियों, कोरोना वॉलेंटियर्स, पथ विक्रेताओं आदि से चर्चा की जाएगी।

कोरोना संक्रमण को रोकने का व्यवहार आवश्यक

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि निश्चित ही पहला सुख निरोगी काया है। कोरोना संक्रमण ने देश, दुनिया को प्रभावित किया है। यह ऐसी बीमारी है, जिस पर केवल शासकीय प्रयासों से नियंत्रण नहीं किया जा सकता। समाज के सहयोग के बिना यह लड़ाई नहीं जीती जा सकती, क्योंकि समाज के व्यवहार से भी यह संक्रमण फैलता है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने टेस्टिंग, ट्रेसिंग, ट्रीटमेंट और टीकाकरण का मंत्र दिया है। इसके साथ-साथ हमें कोरोना संक्रमण को रोकने का व्यवहार चाहिए। इसमें बहुत कुछ काम सरकार कर रही है। संक्रमण बढ़ने के कारण अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। सरकार अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या बढ़ाने और अन्य व्यवस्थाएँ करने में प्राण-प्रण से जुटी है।

समाज से नैतिक आग्रह करने के लिए मैं आज यहाँ हूँ

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि संक्रमण रोकने के लिए समाज को जागरूक होना पड़ेगा। समाज से नैतिक आग्रह करने के लिए मैं आज यहाँ हूँ। वर्तमान में भी प्रदेश में मास्क लगाने की आदत बहुत कम है। यह सही है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व के परिणाम स्वरूप देश में कोरोना संक्रमण की दर कम हुई, इसके साथ ही वैक्सीन भी आ गई। परिणाम स्वरूप लोग निश्चिंत हो गए, जिसका नतीजा यह हुआ कि संक्रमण एक बार फिर तेजी से फैल गया।

सही नहीं है लॉकडाउन

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि संक्रमण को रोकने का सरल उपाय है लॉकडाउन। लेकिन लॉकडाउन हमारी अर्थ-व्यवस्था को ध्वस्त कर देगा। यह लोगों के रोजगार छीन लेगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मैं लॉकडाउन को सही नहीं मानता। सीमित लॉकडाउन तक बात ठीक है, स्थायी लॉकडाउन संक्रमण रोकने का समाधान नहीं है।

आत्म अनुशासन से रोकेंगे संक्रमण

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि संक्रमण रोकने का दूसरा तरीका है कि हम आत्म अनुशासन अपनाएँ। मास्क लगाएँ, सुरक्षित दूरी बनाकर रखें, बार-बार हाथ धोते रहें, वैक्सीनेशन करवाएँ। इस सबमें समाज का सहयोग चाहिए। मास्क लगाने के लिए लोगों में उदासीनता है। इसके लिए लोगों को जागरूक करना होगा। अत: मैं नैतिक आग्रह करने के लिए आपके सामने आया हूँ। लोगों में ऐसा भाव विकसित करना होगा कि यदि मैं मास्क नहीं लगा रहा हूँ तो कोई अपराध कर रहा हूँ। वास्तव में यह अपराध ही है, क्योंकि मास्क नहीं लगाने से हम अपने साथ-साथ दूसरे के स्वास्थ्य को भी प्रभावित करते हैं। अत: जन-जन में यह भाव विकसित करना होगा कि मैं स्वयं मास्क लगाऊँगा और लोगों से भी मास्क लगवाऊँगा।

संकल्प करें कि मैं और मेरे परिवार का हर सदस्य मास्क लगाएगा

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सोमवार के दिन मैंने अपने परिवार के सदस्यों को मास्क लगाया। हम सभी संकल्प करें कि मैं मास्क लगाऊँगा और परिवार का कोई भी सदस्य बिना मास्क के घर से बाहर नहीं निकलेगा। यह स्वास्थ्य का आग्रह है। यह लोगों को स्वास्थ्य के प्रति सजग और सतर्क बनाने का आग्रह है। यह आग्रह समाज से है कि वह कोरोना से पूरी तरह सतर्क होकर लड़ाई लड़ें। जन-जन को प्रेरित करने के लिए मैं यहाँ 24 घंटे के लिए बैठा हूँ। यहीं पर कोरोना पर केन्द्रित कैबिनेट होगी, प्रदेश में कोरोना की स्थिति की समीक्षा करूंगा, समाज के अलग-अलग वर्गों से कोरोना पर बात करूंगा, साथ ही सुझाव भी आमंत्रित करूंगा। मैं और मेरी टीम सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए यहाँ लगातार कार्य करेगी।

मास्क अर्थात ‘मेरा आपका सुरक्षा कवच’

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मेरे लिए मास्क का मतलब है एम से मेरा, ए से आपका, एस से सुरक्षा और क से कवच मतलब ‘मेरा आपका सुरक्षा कवच’। हमें यह अभियान चलाना है कि ‘मास्क नहीं तो बात नहीं’, दुकान में जाएँ और यदि मास्क न हो तो दुकानदार कह दे कि ‘मास्क नहीं तो सामान नहीं’। यह जागरूकता पैदा करने का अभियान है।

जन-जागरूकता के लिए मीडिया से अपील

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पत्रकार बंधुओं से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि मीडिया बहुत प्रभावी माध्यम है, जिससे जागरूकता पैदा की जा सकती है। यह महीना गंभीर संकट का महीना है। प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया यदि जागरूकता को अपना दायित्व मानेंगा तो यह समाज की बड़ी सेवा होगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मैं धर्मगुरूओं, समाजसेवियों, राजनैतिक दलों, कार्यकर्ताओं और सभी संस्थाओं से इस अभियान में साथ आने की अपील करता हूँ। हम सब मिलकर ही कोरोना से मुकाबला कर सकते हैं और संक्रमण को रोक सकते हैं।

‘मैं कोरोना वॉलेंटियर’ अभियान

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि ‘मैं कोरोना वॉलेंटियर’ अभियान आरंभ किया गया है। इसका इसका अर्थ यह है कि लोग अपने आप को कोरोना वॉलेंटियर के रूप में रजिस्टर कराएँ। वे 181 पर कॉल करके और mp.mygov.in पर रजिस्टर करा सकते हैं। यह वॉलेंटियर सरकारी व्यवस्था के अतिरिक्त वैक्सीनेशन स्वयं-सेवक और चिकित्सा सुविधा स्वयं-सेवक के रूप में अपने आप को रजिस्टर करा सकते हैं। इसके साथ ही मास्क जागरूकता स्वयं-सेवक मास्क लगाने के लिए रोकने-टोकने, प्रेरित करने, आग्रह करने और मास्क उपलब्ध कराने का कार्य करेंगे। मोहल्ला टोली संगठन स्वयं-सेवक होम क्वारेंटाइन और संस्थागत क्वारेंटाइन में मददगार होंगे। इच्छुक व्यक्ति सीएम हेल्पलाइन और 181 पर इन कार्यों के लिए स्वयं का पंजीयन करा सकता है।

कोरोना के विरूद्ध एक है मानवता

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि जब मानवता पर संकट होता है, तब बिना किसी मतभेद के सम्पूर्ण मानवता एक होती है। कोई राजनैतिक दल नहीं, कोई जाति नहीं, कोई धर्म नहीं। मैं सभी भाइयों-बहनों से अपील करता हूँ कि कोरोना संक्रमण को रोकने के इस प्रयास में आप सब सहभागी बनें, ताकि मिलकर हम इस संक्रमण की गति को रोक पाएँ। इसी आग्रह के साथ यह स्वास्थ्य आग्रह का कार्यक्रम आरंभ किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि बेहतर इलाज और चिकित्सा की सुविधाएँ सरकार आवश्यक रूप से कर रही है।