शिवराज का अब तक का सबसे बड़ा अभियान ‘स्वास्थ्य-आग्रह’

देश की जनता को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राजधानी भोपाल के मिंटो हॉल में महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास अब तक का सबसे बड़ा स्वास्थ्य आग्रह किया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश की जनता से आग्रह करते हुए कहा कि कोरोना देश और प्रदेश में बढ़ रहा है। केवल सरकारी प्रयासों से इस पर नियंत्रण नहीं किया जा सकता। इसे रोकने के लिए समाज को जागरूक होना पड़ेगा। इसे रोकने का एक ही उपाय है लॉकडाउन लेकिन यह अर्थव्यवस्था को तबाह कर देगा। यह स्वास्थ्य आग्रह लोगों को मास्क लगाने, सामाजिक दूरी बनाकर रहने, स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने और कोरोना वैक्सीन लगवाने का आग्रह है। इसलिए मैं आज मनोभाव से प्रदेश की जनता को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के लिए 24 घंटे के लिए यहां बैठा हूं। शिवराज ने मास्क का नया मतलब बताते हुए कहा कि रू से मास्क ्र से आपका स् से सुरक्षा ्य से कवच है। 24 घंटे के स्वास्थ्य आग्रह के दौरान सीएम प्रदेशवासियों को स्वयं के साथ दूसरों के स्वास्थ्य की चिंता कराने के लिए जागरूक करेंगे। साथ ही सभी को अनिवार्य रूप से मास्क पहनने दो गज की दूरी का पालन करने का आग्रह भी करेंगे। इस दौरान धर्मगुरुओं सामाजिक संगठनों चिक्तिसा विशेषज्ञ व्यापारी संगठन और जनप्रतिनिधियों लगातार बात करेंगे और उनके सुझाव भी लेंगे। सीएम शिवराज ने कहा कि आज ऐतिहासिक दिन है 6 अप्रैल 1930 को गांधी जी ने दांडी यात्रा कर नमक कानून को तोड़ा था। आज उस यात्रा का समापन हुआ था। गांधी जी ने सत्याग्रह किया और देश को स्वतंत्र कराया, प्रधानमंत्री जी ने स्वच्छ आग्रह किया और देश का स्वच्छ बना दिया, मैं आज स्वास्थ्य आग्रह पर बैठ रहा हूं। इससे पहले मध्यप्रदेश में बढ़ते संक्रमण के चलते मुख्यमंत्री लगातार जनता को जागरूक करने का प्रयास करते रहे हैं। चाहे 1 सप्ताह तक सायरन बजाकर लोगों को मास्क पहनने के लिए प्रेरित करना हो या फिर मेरी होली मेरा घर जैसे अभियान होली ईस्टर ओर मिलद उन नबी जैसे त्योहार के वक्त चलाकर मुख्यमंत्री सभी को यह बात समझा रहे हैं कि संक्रमण से बचाव के लिए मास्क पहनना बेहद जरूरी है। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कल (सोमवार) राजधानी भोपाल में 3 घंटों तक सड़क पर उतरकर लोगों को मास्क पहनने की समझाइश देते भी नजर आ चुके हैं। इसी के मद्देनजर अब वह जन जागरूकता फैलाने के लिए 24 घंटे के स्वास्थ आग्रह पर बैठे है। सीएम शिवराज सिंह चौहान 7 अप्रैल को धर्म गुरुओं से संवाद करने के बाद स्वास्थ्य आग्रह खत्म करेंगे। इस दौरान सीएम ने बताया कि मैं कोरोना स्वयं सेवक हूं। मैं कोरोना वॉलिंटियर इस अभियान की शुरुआत भी की जा रही है, इसके लिए एक ऐप भी बनाया गया है। इस अभियान में 4 तरीके से लोग जुड़ेंगे। पहले वैक्सीनेशन वॉलिंटियर जो हर वैक्सीनेशन सेंटर पर यह वॉलिंटियर्स रहेंगे और लोगों को वैक्सीनेशन के लिए प्रेरित करेंगे और हेल्प करेंगे। दूसरा चिकित्सा सुविधाओं के लिए वालंटियर होंगे जो मरीजो को जनता को चिकित्सा सेवाओं की जानकारी ददेँगे तीसरा मास्क जागरूकता स्वयंसेवक जो मास्क का वितरण करेंगे मास्क लगाने के लिए टोकेंगे प्रेरित करेंगे सीटी बजाएंगे रुकेंगे जिन्होंने मास्क नहीं लगाया। चौथा मोहल्ला टोली सुरक्षा स्वयसेवक ये होम में मदद करेंगे लोगों को बताएंगे किस तरीके से मोहल्ले में संक्रमण रोकने की तैयारी की जा सकती है।
सीएम शिवराज ने बताया कोई भी व्यक्ति 181 नंबर पर संपर्क कर कोरोनावायरस रूप में अपना पंजीयन करवा सकता है।
कोरोना संक्रमण को रोकने का व्यवहार आवश्यक
मुख्यमंत्री ने कहा कि निश्चित ही पहला सुख निरोगी काया है। कोरोना संक्रमण ने देश, दुनिया को प्रभावित किया है। यह ऐसी बीमारी है, जिस पर केवल शासकीय प्रयासों से नियंत्रण नहीं किया जा सकता। समाज के सहयोग के बिना यह लड़ाई नहीं जीती जा सकती, क्योंकि समाज के व्यवहार से भी यह संक्रमण फैलता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने टेस्टिंग, ट्रेसिंग, ट्रीटमेंट और टीकाकरण का मंत्र दिया है। इसके साथ-साथ हमें कोरोना संक्रमण को रोकने का व्यवहार चाहिए। इसमें बहुत कुछ काम सरकार कर रही है। संक्रमण बढऩे के कारण अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। सरकार अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या बढ़ाने और अन्य व्यवस्थाएं करने में प्राण-प्रण से जुटी है।
समाज से नैतिक आग्रह करने के लिए मैं आज यहां हूं
मुख्यमंत्री ने कहा कि संक्रमण रोकने के लिए समाज को जागरूक होना पड़ेगा। समाज से नैतिक आग्रह करने के लिए मैं आज यहां हूं। वर्तमान में भी प्रदेश में मास्क लगाने की आदत बहुत कम है। यह सही है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व के परिणाम स्वरूप देश में कोरोना संक्रमण की दर कम हुई, इसके साथ ही वैक्सीन भी आ गई। परिणाम स्वरूप लोग निश्चिंत हो गए, जिसका नतीजा यह हुआ कि संक्रमण एक बार फिर तेजी से फैल गया।

आत्म अनुशासन से रोकेंगे संक्रमण
मुख्यमंत्री ने कहा कि संक्रमण रोकने का दूसरा तरीका है कि हम आत्म अनुशासन अपनाएं। मास्क लगाएं, सुरक्षित दूरी बनाकर रखें, बार-बार हाथ धोते रहें, वैक्सीनेशन करवाएं। इस सबमें समाज का सहयोग चाहिए। मास्क लगाने के लिए लोगों में उदासीनता है। इसके लिए लोगों को जागरूक करना होगा। अत: मैं नैतिक आग्रह करने के लिए आपके सामने आया हूं। लोगों में ऐसा भाव विकसित करना होगा कि यदि मैं मास्क नहीं लगा रहा हूँ तो कोई अपराध कर रहा हूं। वास्तव में यह अपराध ही है, क्योंकि मास्क नहीं लगाने से हम अपने साथ-साथ दूसरे के स्वास्थ्य को भी प्रभावित करते हैं। अत: जन-जन में यह भाव विकसित करना होगा कि मैं स्वयं मास्क लगाऊंगा और लोगों से भी मास्क लगवाऊंगा।

संकल्प करें कि मैं और मेरे परिवार का हर सदस्य मास्क लगाएगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सोमवार के दिन मैंने अपने परिवार के सदस्यों को मास्क लगाया। हम सभी संकल्प करें कि मैं मास्क लगाऊंगा और परिवार का कोई भी सदस्य बिना मास्क के घर से बाहर नहीं निकलेगा। यह स्वास्थ्य का आग्रह है। यह लोगों को स्वास्थ्य के प्रति सजग और सतर्क बनाने का आग्रह है। यह आग्रह समाज से है कि वह कोरोना से पूरी तरह सतर्क होकर लड़ाई लड़ें। जन-जन को प्रेरित करने के लिए मैं यहां 24 घंटे के लिए बैठा हूं। यहीं पर कोरोना पर केन्द्रित कैबिनेट होगी, प्रदेश में कोरोना की स्थिति की समीक्षा करूंगा, समाज के अलग-अलग वर्गों से कोरोना पर बात करूंगा, साथ ही सुझाव भी आमंत्रित करूंगा। मैं और मेरी टीम सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए यहां लगातार कार्य करेगी।

जन-जागरूकता के लिए मीडिया से अपील
मुख्यमंत्री ने पत्रकार बंधुओं से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि मीडिया बहुत प्रभावी माध्यम है, जिससे जागरूकता पैदा की जा सकती है। यह महीना गंभीर संकट का महीना है। प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया यदि जागरूकता को अपना दायित्व मानेगा तो यह समाज की बड़ी सेवा होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं धर्मगुरूओं, समाजसेवियों, राजनैतिक दलों, कार्यकर्ताओं और सभी संस्थाओं से इस अभियान में साथ आने की अपील करता हूं। हम सब मिलकर ही कोरोना से मुकाबला कर सकते हैं और संक्रमण को रोक सकते हैं।
मैं कोरोना वॉलेंटियर अभियान
मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं कोरोना वॉलेंटियर अभियान आरंभ किया गया है। इसका इसका अर्थ यह है कि लोग अपने आप को कोरोना वॉलेंटियर के रूप में रजिस्टर कराएँ। वे 181 पर कॉल करके

रजिस्टर करा सकते हैं। यह वॉलेंटियर सरकारी व्यवस्था के अतिरिक्त वैक्सीनेशन स्वयं-सेवक और चिकित्सा सुविधा स्वयंसेवक के रूप में अपने आप को रजिस्टर करा सकते हैं। इसके साथ ही मास्क जागरूकता स्वयं-सेवक मास्क लगाने के लिए रोकने-टोकने, प्रेरित करने, आग्रह करने और मास्क उपलब्ध कराने का कार्य करेंगे। मोहल्ला टोली संगठन स्वयं-सेवक होम क्वारेंटाइन और संस्थागत क्वारेंटाइन में मददगार होंगे। इच्छुक व्यक्ति सीएम हेल्पलाइन और 181 पर इन कार्यों के लिए स्वयं का पंजीयन करा सकता है।
कोरोना के विरुद्ध एक है मानवता
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब मानवता पर संकट होता है, तब बिना किसी मतभेद के सम्पूर्ण मानवता एक होती है। कोई राजनैतिक दल नहीं, कोई जाति नहीं, कोई धर्म नहीं। मैं सभी भाइयों-बहनों से अपील करता हूं कि कोरोना संक्रमण को रोकने के इस प्रयास में आप सब सहभागी बनें, ताकि मिलकर हम इस संक्रमण की गति को रोक पाएं। इसी आग्रह के साथ यह स्वास्थ्य आग्रह का कार्यक्रम आरंभ किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर इलाज और चिकित्सा की सुविधाएँ सरकार आवश्यक रूप से कर रही है।

मास्क अर्थात मेरा आपका सुरक्षा कवच
मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरे लिए मास्क का मतलब है एम से मेरा, ए से आपका, एस से सुरक्षा और क से कवच मतलब मेरा आपका सुरक्षा कवच। हमें यह अभियान चलाना है कि मास्क नहीं तो बात नहीं, दुकान में जाएं और यदि मास्क न हो तो दुकानदार कह दे कि मास्क नहीं तो सामान नहीं। यह जागरूकता पैदा करने का अभियान है।

सही नहीं है
लॉकडाउन

मुख्यमंत्री ने कहा कि संक्रमण को रोकने का सरल उपाय है लॉकडाउन। लेकिन लॉकडाउन हमारी अर्थ-व्यवस्था को ध्वस्त कर देगा। यह लोगों के रोजगार छीन लेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं लॉकडाउन को सही नहीं मानता। सीमित लॉकडाउन तक बात ठीक है, स्थायी लॉकडाउन संक्रमण रोकने का समाधान नहीं है।