दहेज हत्या के मामले में सास ससुर, पति व ननद को सजा

खुरई, 14 मार्च। मंगवलवार के दिन प्रथम जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमित रंजन समाधिया की न्यायालय ने दहेज हत्या के मामले में सास,ससुर, पति और ननद को 10 वर्ष की सजा सहित आर्थिक दंड की सजा सुनाई है।
अभियोजन के अनुसार न्यायालय ने दहेज हत्या के मामले में ससुर धीरज सिंह पिता अमोल सिंह सास रामवति पति धीरज सिंह,पति रघुराज पिता धीरज सिंह व ननद कुमारी अंजली पिता धीरज सिंह को दहेज हत्या के मामले में दोषी मानते हुए धारा 304 बी में 10-10 वर्ष व 5-5 सौ का अर्थ दंड,धारा 498ए में एक -एक वर्ष व 5-5 सौ अर्थदंड के साथ धारा 4 के तहत भी 1-1 वर्ष की सजा के साथ 5-5 सौ रुपये अर्थ दंड की सजा सुनाई है।
जानकारी के अनुसार 24/10/15 को ग्राम सिलारपुर में नवविवाहिता महिला इमरती बाई पति रघुराज लोधी उम्र 19 वर्ष की दोपहर लगभग 2.00 बजे संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। ससुराल पक्ष ने 108 ऐबूलेंस को बुलाकर करेंट लगने की बात बताई लेकिन मौत के कारण उसे नही ले जाया जा सका। मायके पक्ष को सूचना दी गई लेकिन उनके आने के पहले ही ससुराल पक्ष शव को खुरई ले आये। मृतका के पिता प्रतिपाल पिता नत्थूसिंह निवासी मेढना ने बताया कि उसकी बेटी की शादी 27/04/15 को हुई थी। एक वर्ष भी नहीं हुआ है। बताया जा रहा है कि करेंट से मौत हुई लेकिन करेंट के निशान नहीं है गले में दबाने जैसे व षरीर कई जगह चोटों के निषान है। नाक से खून निकल रहा है।
शव ट्राली में रखकर नगर में घुमाते रहे आरोपी
ससुराल पक्ष शव को थाने या अस्पताल न ले जाकर टे्रक्टर ट्राली में रखकर यहां वहां घुमाते रहे। दोपहर की घटना के बाद भी रात तक कार्यवाही नहीं हो सकी। मायके पक्ष पुलिस पर भी सहयोग न करने का आरोप लगाया। कहा कि जैसा लिखने को कहा जा रहा था वैसा नहीं लिखा जा रहा था। बाद में पुलिस ने मर्ग कायम कर मामला जांच में ले लिया है। पोस्ट मार्टम और साक्ष्यों के आधार पर ससुराल पक्ष के सास,ससुर पति व ननद पर प्रताडऩा के चलते हत्या का आरोप में मामला दर्ज किया गया था।