मुख्यमंत्री को 6 साल में फिर याद आई अपनी घोषणा: अजय सिंह

भोपाल, 29 मार्च। नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा है कि हजारों बालिकाओं की अस्मत लुट गई, प्रदेश बलात्कार में नंबर-वन हो गया, अब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को 6 साल बाद भोपाल और इंदौर में पुलिस आयुक्त प्रणाली की घोषणा की याद आई। अजय सिंह ने कहा है कि पुलिस आयुक्त प्रणाली, फांसी का कानून, कोरी घोषणाओं से नहीं, इच्छाशक्ति से घटनाओं पर और तंत्र पर लगाम लगता है, जिसमें मुख्यमंत्री और उनका तंत्र पूरी तरह असफल है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 2012 में मध्यप्रदेश में तेजी से महिलाओं के प्रति बढ़ रहे अपराध पर चिंता जताई थी। उन्होंने फरवरी में राज्यपाल के अभिभाषण पर हुई चर्चा के जवाब में घोषणा की थी भोपाल और इंदौर में 20 लाख से अधिक जनसंख्या को देखते हुए पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू की जाएगी। इस घोषणा को पूरे 6 साल एक माह हो गया और अब मुख्यमंत्री फिर से इसी प्रणाली की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा जैसे फ्लोर पर की गई अपनी ही घोषणा के लिए जब मुख्यमंत्री गंभीर नहीं हैं तो इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि वे जनता के बीच जो घोषणा करते हैं, उसके प्रति कितने गंभीर होंगे। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री महिला अपराधों को लेकर भी कितने गंभीर हैं, इससे भी इस बात पता चलता है। अजय सिंह ने कहा कि मौजूदा कानून का पालन करने में सरकार पूरी तरह असफल है। सरकार अपनी असफलता को छुपाने वह फिर नई चाल चलने में व्यस्त हो गई। अजय सिंह ने कहा कि निर्भयाकांड के बाद तत्कालीन यूपीए सरकार ने महिलाओं के सम्मान के लिए बने अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए मौजूदा कानून में बदलाव किया था। शिवराज सरकार ने आज तक प्रदेश में उन कानूनों को लागू करने के बजाए शिगूफेबाजी करने और सम्मान कराने में व्यस्त रही। उनकी उदासीनता के कारण आज प्रदेश में हर दिन महिलाओं के लिए भारी पड़ रहा है। वे घर सुरक्षित लौटेंगी, इसकी गारंटी अब शिवराज सरकार में नहीं है।
छोटे व्यापारियों से वसूला जा रहा जीएसटी के साथ जबरिया प्रोफेशनल टैक्स : नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने ही प्रधानमंत्री और केंद्रीय वित्त मंत्री के एक देश एक टैक्स की भावना के विरूद्ध मध्यप्रदेश में छोटे व्यापारियों से जीएसटी के अलावा गैरकानूनी तरीके से 2500 प्रोफेशनल टैक्स भी वसूल रही है। सोने पे सुहागा यह है कि पूरे देश में मध्यप्रदेश ही एकमात्र राज्य है, जो यह जबरिया कर वसूल रहा है साथ ही व्यापारियों को धमकाया भी जा रहा है।