खरीदी केन्द्र बने किसानों की परेशानी अनाज की सफाई बन रही सिरदर्द

खुरई। भूसा मंडी परिसर में समर्थन मूल्य पर चना, मसूर एवं सरसों खरीद केन्द्र तमाम तामझाम से खोले गए थे। इन खरीदी केन्द्रो पर किसानो को हर सुविधा मुहैया कराने का दावा किया गया था लेकिन इन दावो की अब कलई खुलकर सामने आ रही है। खरीदी केन्द्रो पर किसान अपनी फसल बेचने हेतु चार-चार दिनो से डेरा डाले हुए है, मगर फसल की तौल नहीं हो पा रही है। हम्मालो की कमी के चलते किसान स्वयं अपनी कृषि उपज की तौल कर रहे है। कांटे पर जिन्स की बोरियां तौल रहे तुलावटी की मजदूरी भी किसानो से वसूली जा रही हैै।
तौल कराने हो रहे परेशान
किसानो की फसलों को उचित मूल्य मिले इसके लिए सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर चना, मसूर एवं सरसों की खरीद के लिए कांटे लगाए गये है। लेकिन सरकारी खरीदी केन्द्रो पर कई किसानों की उपज रिजेक्ट कर दिए जाने से किसान काफी परेशान है। समर्थन मूल्य पर अनाज बेचने को मजबूर किसानो को जिंस साफ करनी पड़ रही है। नेफेड के क्वालिटी इंस्पेक्टर जिन्स की सफाई के नाम पर किसानो को काफी परेशान कर रहे है। किसान अपनी कृषि उपज की तौल कराने कई दिनो से चिलचिलाती ध्ूप में डेरा डाले हुए है। खरीदी केन्र्दो पर न ही छांव की और न ही पीने के पानी की व्यवस्था बनाई गई है। खरीदी केन्द्रो पर अपनी कृषि को सुरक्षित करने के लिए किसान दिनरात खरीदी केन्द्रों पर कृषि उपज की पहरेदारी कर रहे है।