चीतल रिसोर्ट ने कमिश्नर को दिया 50 हजार का चैक

निज संवाददाता
होशंगाबाद, 18 मई। नर्मदापुरम् संभाग कमिश्नर उमाकांत उमराव के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में नर्मदा नदी के रिपेरियन जोन में लगाए गए पौधों की सुरक्षा के लिए तार फेंसिंग का कार्य प्रारंभ किया जा रहा है। तार फेंसिंग के कार्य के लिए सामग्री दानदाता संस्थाओं से एकत्रित की जा रही है।
इसी क्रम में आज चीतल रिसोर्ट सोहागपुर एवं पार्टनर मनोज खट्टर ने नर्मदापुरम् संभाग कमिश्नर श्री उमाकांत उमराव को सोहागपुर क्षेत्र में नर्मदा जी के किनारे किए जा रहे वृक्षारोपण, तार फेंसिंग एवं अन्य कार्यों के लिए 50 हजार रूपए की राशि का चेक प्रदान किया। चीतल रिसोर्ट एवं उनके पार्टनर मनोज खट्टर ने कमिश्नर से कहा कि वे रिपेरियन जोन में किए गए पौधरोपण एवं तार फेंसिंग के कार्य से प्रभावित हुए हैं और अपनी ओर से इस पुनीत कार्य में सहभागी बनना चाहते हैं। कमिश्नर श्री उमराव ने चीतल रिसोर्ट एवं पार्टनर मनोज खट्टर का आभार व्यक्त किया और बताया कि रिपेरियन जोन में तार फेंसिंग के लिए कई दान दाता संस्थाएं सहयोग के लिए आगे आ रही हैं। दानदाताओं के सहयोग से मई माह के अंत तक सभी 68 ग्रामों के रिपेरियन जोन में तार फेंसिंग का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा।
किसानों की आमदनी दुगुनी करने का प्रयास करें
नर्मदापुरम् संभाग कमिश्नर उमाकांत उमराव ने आयोजित संभागीय किसान कल्याण एवं कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, मत्स्य विभाग, सहकारी विभाग, रेशम विभाग के अधिकारियों की संभागीय समीक्षा बैठक ली। कमिश्नर ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे बैतूल, हरदा एवं होशंगाबाद के सभी ब्लॉक में 2-2 गांव का चयन करें। इन गांव में किसानों की आमदनी दुगुनी करने का प्रयास करें। कमिश्नर ने निर्देश दिए कि चयनित गांव में किसानों को कृषि विभाग, उद्यानिकी, रेशम, मत्स्य एवं सहकारी विभाग की योजनाओं का लाभ किसानों को दिलाना सुनिश्चित करें।
कमिश्नर ने कहा कि सभी अधिकारी कृषि अभ्यास का मॉडल एवं हर खेत का मॉडल इन ग्रामों में बनाएं। विभिन्न योजनाओं के लिए इन ग्रामों के किसानों को ऋण उपलब्ध कराना, व्यावसायिक एवं उन्नत खेती के लिए प्रशिक्षण दिलाया जाए। इसके अलावा किसानों को भ्रमण भी कराया जाए। कमिश्नर ने कहा कि सभी अधिकारियों का दायित्व है कि वे इन ग्रामों में अच्छे नेतृत्वकर्ता किसानों का चयन करें, बड़े किसानों का चयन करें जो अपनी भूमि पर जैविक खेती एवं उन्नत खेती के लिए प्रयोग कर सके। कमिश्नर ने कहा कि ऐसे किसानों का प्राथमिकता से चिन्हांकन भी किया जाए। श्री उमराव ने गांव के चिन्हित किसानों एवं संबंधित अधिकारियों का प्रशिक्षण कराने के लिए निर्देश दिए। बताया गया कि बैतूल मे 10 से 12, हरदा में 6 एवं होशंगाबाद में 10 गांव का चयन मॉडल गांव के रूप में किया जाएगा और इन गांव में सभी आधारभूत संरचनाओं का विकास किया जाएगा। कमिश्नर ने कहा कि यदि हम आज कृषि की ओर देखे तो पता चलेगा कि हमारी कृषि की वेराइटी कम हो रही है, प्रोडेक्शन कास्ट बढ़ रहा है तथा रिस्क कल्चर भी बढ़ रहा है।