किसानों को ज्यादा राहत देने वाला राज्य बना मप्र:शिवराज

भोपाल, 26 मई। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज दिल्ली के पत्रकारों के साथ अनौपचारिक चर्चा करते हुए कहा है कि मध्यप्रदेश अब किसानों को सबसे ज्यादा राहत देने वाला प्रदेश बन गया है। यहां किसानों के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं चलायी जा रही हैं।
वर्तमान में किसान समृद्धि योजना में किसानों को गेहूं के विक्रय पर 265 रूपए प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि तथा चना, मसूर और सरसों के विक्रय पर 100 रूपए प्रति क्विंटल अतिरिक्त राशि दी जा रही है। प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस योजना में अब तक 8 लाख आवास बनाए जा चुके हैं और वर्ष के अंत तक 15 लाख आवास बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री की पत्रकारों से चर्चा के मौके पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव एस.के. मिश्रा और आयुक्त जनसंपर्क पी. नरहरि भी मौजूद थे। चौहान ने पत्रकारों को बताया कि मध्यप्रदेश आज विकास और जनकल्याण के कार्यों में देश-दुनिया का अग्रणी राज्य है। यहां कृषि, प्रधानमंत्री आवास योजना, पर्यटन, महिला सशक्तिकरण, स्वच्छता, सामाजिक सुरक्षा, सड़क, बिजली, सिंचाई और किसान कल्याण सहित सभी क्षेत्रों में बेहतर कार्य हुआ है। गरीबी हटाने के लिए गरीबों की आमदनी बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें अन्य जरूरी सुविधाएं देने का काम भी किया जा रहा है। केन्द्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना स्वास्थ्य के क्षेत्र की सबसे बड़ी योजना है। प्रदेश में गरीबों के नि:शुल्क इलाज के लिए योजना चलाई जा रही है। गरीबी दूर करने के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में निवेश बढ़ रहा है। प्रदेश में अब शिक्षकों का एक ही कैडर रहेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी चुनाव चेहरों से नहीं, परफार्मेंस से जीता जाता है। चुनाव में विकास ही हमारा एजेण्डा रहेगा। प्रदेश में हमने अनेक नवाचार किए हैं। महिला सशक्तिकरण के लिए स्थानीय स्वशासी सरकारों सहित शिक्षकों के पदों में 50 प्रतिशत और अन्य सभी शासकीय सेवाओं में 33 प्रतिशत (वन विभाग को छोड़कर) आरक्षण की व्यवस्था की गई है। बेटियों को परिवार बोझ नहीं मानें, उनकी शिक्षा की उचित सुविधा उपलब्ध हो, इसके लिए प्रदेश में वर्ष 2006 में ही लाड़ली लक्ष्मी योजना लागू कर दी गई थी।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि किसानों को प्रदेश में शून्य प्रतिशत ब्याज पर कर्ज दिया जाता है। प्राकृतिक आपदा के समय किसानों की भरपूर मदद की जाती है। भावांतर योजना जैसे राहत के अनेक प्रभावी तरीकों से फसलों की क्षतिपूर्ति भी की जाती है। क्षति का ऑकलन 30 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर के मान से किया जाता है। राज्य में कानून बनाकर गरीब व्यक्ति को रहने की जमीन का मालिक बनाया गया है। गरीब प्रतिभाओं को प्रगति के अवसर मिलें, धन का अभाव प्रतिभा के विकास में बाधा नहीं बने, इसके लिए मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी छात्रवृत्ति योजना शुरु की गयी है, जिसमें मेधावी बच्चों की उच्च शिक्षा की फीस का राज्य सरकार भुगतान करती है।
चौहान ने बताया कि मध्यप्रदेश में विगत पांच वर्षों से कृषि वृद्धि दर औसतन 20 प्रतिशत बनी हुई है। सिंचित क्षेत्र साढ़े सात लाख से बढ़ाकर चालीस लाख हेक्टेयर हो गया है। इसे अस्सी लाख हेक्टेयर तक ले जाने के लिए प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा कि नदी जोड़ो परियोजनाओं में नर्मदा-क्षिप्रा जुड़ गयीं हैं। नर्मदा-गंभीर का कार्य पूर्णता पर है। चौहान ने बताया कि मध्यप्रदेश को पर्यटन में बेस्ट राज्य का पुरस्कार मिला है। इस वर्ष के राष्ट्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण में प्रदेश के इंदौर और भोपाल शहर ने क्रमश: प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त किया है।
विकास यज्ञ जारी रहेगा, लोगों की जिंदगी को बनाया जाएगा खुशहाल: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को विकास यात्रा के दौरान सीहोर जिले की नसरुल्लागंज तहसील के ग्राम बालागांव और खात्याखेडी में जन-संवाद के जरिये ग्रामीणों से सीधी बातचीत की। उन्होंने कहा कि विकास का यह यज्ञ निरंतर जारी रहेगा। केवल पुल-पुलिया और सडकें ही नहीं बनेंगी, लोगों की जिंदगी को भी खुशहाल बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं जनसेवा की ऐसी लकीर खींचना चाहता हूँ, जिसे कोई मिटा न सके।
चना, मसूर, सरसों की खरीदी पूरी होने तक उपार्जन जारी रहेगा: मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को बताया कि पिछले साल के गेहूं उपार्जन पर किसानों के बैंक खातों में 200 रुपए प्रति क्विंटल के मान से प्रोत्साहन राशि जमा करा दी गई है। इस वर्ष उपार्जित गेहूं पर 265 रुपए प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि किसानों के बैंक खातों में अगले 10 जून को जमा कराई जाएगी। राज्य सरकार किसान के पसीने की पूरी कीमत आदर सहित भुगतान करेगी। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में चना, मसूर और सरसों की खरीदी पूरी होने तक उपार्जन का काम जारी रहेगा। अगले वर्ष से इस कार्य के लिए अलग सेटअप तैयार कर अतिरिक्त अमले की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने ग्रामीणों को अन्य कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार सबका साथ-सबका विकास को ध्यान में रखकर काम कर रही है।
ग्रामीण अंचल में होंगे 46.25 करोड़ के विकास कार्य: मुख्यमंत्री ने ग्राम बालागांव में 40 करोड़ 35 लाख की लागत से निर्मित नसरुल्लागंज-बोरखेड़ा कला सड़क, 3 लाख 66 हजार की लागत की आंतरिक सीसी रोड, ग्राम खात्याखेडी में 3 लाख 27 हजार की लागत की आंतरिक सीसी रोड का लोकार्पण किया। इसके अलावा, 225 लाख 59 हजार रूपए की लागत के मण्डी-बालागांव सड़क मार्ग, 200 लाख की लागत के नसरुल्लागंज के कृषक संगोष्ठी भवन तथा 99 लाख रुपये लागत की फल-सब्जी मण्डी प्रांगण की सीसी रोड का शिलान्यास किया। कार्यक्रम में जिले के प्रभारी मंत्री रामपाल सिंह, वन विकास निगम के अध्यक्ष गुरूप्रसाद शर्मा, वेयर-हाउसिंग कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह राजपूत, अपेक्स बैंक के प्रशासक रमाकांत भार्गव, अन्य जन-प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे।