इंग्लैंड से निपटने के लिए खूब पसीना बहा रहे हैं धोनी

बेंगलुरु, 19 जून। दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए एकांत में अभ्यास करना पसंद करते है और भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी भी कोई अपवाद नहीं है जो लोगों की नजरों से दूर इंग्लैंड दौरे से पहले राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए) में नेट पर पसीना बहाते हुए देखे गए। सचिन तेंदुलकर भी अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के आखिरी के कुछ वर्षों में मुंबई के ब्रांद्रा कुर्ला परिसर में खुद ही अभ्यास करते थे और एनसीए में धोनी का अभ्यास सत्र भी कुछ ऐसा ही है।
18 गज की दूरी से थ्रो-डाउन पर अभ्यास किया
उन्होंने सैकड़ों गेंदों का सामना किया जिसमें से लगभग 70 प्रतिशत थ्रो-डाउन से की गयी थी। धोनी ने 15 जून को एकदिवसीय टीम के खिलाडिय़ों के साथ यो यो टेस्ट दिया था और दूसरे खिलाडिय़ों के जाने के बाद भी वह यहां रूके रहे। धोनी राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में थ्रो डाउन विशेषज्ञ रघु और तेज गेंदबाज शार्दुल ठाकुर के साथ यहां पहुंचे और लगभग ढाई घंटे तक उन्होंने 18 गज की दूरी से थ्रो-डाउन पर अभ्यास किया। ठाकुर भी बीच बीच में गेंदबाजी करते रहे। लगातार दो घंटे अभ्यास करने के बाद धोनी ने छोटा साथ ब्रेक लिया और फिर से अभ्यास में जुट गए। इस दौरान सिद्धार्थ कौल यहां आ गए और उन्होंने भी पूर्व भारतीय कप्तान को गेंदबाजी की।
थ्रो-डाउन में धीरे-धीरे गेंद की गति बढाई गई और इस दिग्गज ने शॉर्ट गेंद तथा बैक लेंथ गेंदों का समाना किया। उन्होंने कुछ गेंदों को रक्षात्मक तरीके से खेला तो कुछ का सामना उन्होंने आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़कर किया। जब भी उन्हें थोड़ी जगह मिलती वह अपने अंदाज में गेंद पर तेजी से प्रहार करते देखे गए। धोनी शार्दुल को काल्पनिक क्षेत्ररक्षक लगाने के लिए कहा जिसके बाद शार्दुल ने उन्हे मिड-विकेट, एक्स्ट्रा कवर और डीप फाइन लेग में काल्पनिक क्षेत्ररक्षक रखने का इशारा किया और फिर धोनी ने क्षेत्ररक्षकों को ध्यान में रखते हुए शाट खेले।
उनका रिफ्लैक्स पहले की तरह नहीं दिखा और वह कई गेंद खेलने में नाकाम रहे लेकिन जो गेंद उनके बल्ले पर आती उससे शानदार आवाज निकलती थी। सत्र खत्म होने के बाद ड्रेसिंग रूम की तरफ जाते समय धोनी की नजर जब यहां मौजूद यहां दो पत्रकारों पड़ी तो उन्होंने कहा, ”भनक लग गया (धोनी की मौजूदगी का पता चल गया)।ÓÓ