राजधानी में लगातार बढ़ रहा गरीबी का ग्राफ

मुख्य संवाददाता
भोपाल, 30 जून। राजधानी की 25 लाख की आबादी में करीब 14 लाख लोग बीपीएल के दायरे में आ रहे हैं। वर्तमान में यहां करीब 2 लाख 96 हजार बीपीएल हैं। ऐसे में शहर में बीपीएल परिवारों की तादाद लगातार बढ़ रही है। पिछले चार साल के दौरान 21 हजार 611 बीपीएल परिवार गरीब रेखा की सूची से जुड़े हैं। जिसमें सबसे ज्यादा परिवार वर्ष-2014 में शामिल हुए हैं। शहर के लोगों का बीपीएल लिस्ट में नाम जुड़वाने का आलम यह है कि करीब 10 हजार 189 आवेदन शहर के एसडीएम के यहां पेंडिंग चल रहे हैं। इधर एसडीएम करीब बीस हजार आवेदन रिजेक्ट भी कर चुके हैं।
शहर में 2 लाख 96 हजार परिवार बीपीएल के दायरे में आते हैं, जिनको राशन, इलाज, पेंशन सहित अन्य सुविधाएं दी जाती हैं। जिसको देखते हुए शहर के लोग बीपीएल कार्ड बनवाने के लिए एसडीएम दफ्तरों में आवेदन करते हैं। जिससे पिछले वर्ष-2014 से अब तक 21 हजार 611 परिवारों को गरीबी रेखा की सूची में जोड़ा गया है। जिससे शहर में इन परिवारों की तादाद लगातार बढ़ती जा रही है। इसको देखते हुए अब एसडीएम ने बीपीएल कार्ड बनाने में सख्ती शुरु कर दी है। जिससे करीब 10 हजार आवेदन पेंडिंग चल रहे हैं। इन परिवारों का सर्वे भी कर लिया गया है, लेकिन बीपीएल के साफ्टवेयर पर ऑनलाइन सर्च करने पर आवेदन पेंडिंग दिखाता है।
नहीं अटकेगा बीपीएल का आवेदन
बीपीएल कार्ड बनवाने की पेंडेंसी बढऩे के बाद जिला प्रशासन ने इसके स्टेटस में आवेदन जमा होने की तारीख, सर्वे की तारीख और एसडीएम दफ्तर से पास होने की तारीख दर्ज करना शुरू कर दी है। जिससे किसी भी आवेदन के बारे में यह आसानी से पता लगाया जा सकेगा कि आवेदन वर्तमान में कहां पर अटका है। यह व्यवस्था शुरू होने से एसडीएम दफ्तरों में तैनात सर्वेयरों ने सर्वे शुरु कर दिए हैं, जिससे पेंडेंसी उनके खाते में नहीं जाए।