भूपेश बघेल की अमर्यादित भाषा कांग्रेस की सीटें कम करेगी

रायपुर, 13 जुलाई। छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव जीतने एक ओर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी जी-तोड़ मेहनत कर रहे हैं। बार-बार छत्तीसगढ़ आ रहे हैं, वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल की अमर्यादित भाषा कांग्रेस को मुश्किल में डालती जा रही है।
यही नहीं, भूपेश ने कई बार ऐसे बयान दिए हैं जिससे कांग्रेस नेताओं को शर्मसार होना पड़ा है। कभी झीरम काण्ड पर तो कभी पंडित दीनदयाल पर तो कभी भाजपा की सांसद सरोज पांडे पर विवादित बयान देकर कांग्रेस के लिए मुसीबतें ही पैदा किए हैं। उनके इस तरह के बयान से जहां कांग्रेस की सीटें कम होंगी, वहीं लोगों का नजरिया ऐसे बयानों से बदलता है और इसका सीधा-सीधा लाभ भाजपा को ही होगा। वैसे भी कांग्रेस के पास मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के बराबरी का कोई नेता नहीं है और बघेल के विवादित बयानों से पार्टी की और किरकिरी हो रही है। अभी हाल ही में उन्होंने भाजपा नेत्री राष्ट्रीय महासचिव सरोज पांडे पर अमर्यादित बयान दिया है, जिससे पार्टी के उनसे आला नेता खफा हैं। उन्होंने कहा है कि क्या हम ये कहें कि सरोज पांडे सीएम रमन सिंह के साथ डांस करती हैं या उन्होंने शादी क्यों नहीं की है, तो क्या ये अच्छा रहेगा। उनका ये बयान छत्तीसगढ़ की राजनीति में भूचाल ला दिया है और कांग्रेस के नेता इसका जवाब नहीं दे पा रहे हैं। हालांकि ये बयान उनका पुराना है, लेकिन अभी तक जिंदा है। इससे पहले उन्होंने सरोज पांडे पर एक और बयान दिया था। भूपेश ने कहा था कि भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव सरोज पांडे को लोकतंत्र व संविधान पर भरोसा नहीं है, इसलिए कांग्रेसियों को धमकाती रहती हैं, जबकि भाजपा सरकार के संरक्षण में ही झीरम घाटी जैसी घटना हुई। इस घटना के पीछे भाजपा नेताओं की मिलीभगत है। जिसमें कांग्रेस के नेता और जवानों की हत्या की गई थी। सरोज पांडे को तो सबसे पहले राज्य की भाजपा सरकार को ही बर्खास्त करवाना चाहिए। भूपेश यहीं नहीं रुके, उन्होंने पंडित दीनदयाल पर बयान देकर कांग्रेस की भारी किरकिरी कराई। उन्होंने कहा कि देश की आजादी में पंडित दीनदयाल ने कुछ भी नहीं किया है, जबकि कांग्रेस परिवार ने देश के लिए कई कुर्बानियां दी हंै, सरोज पांडे क्या जानें, उन्होंने तो अपनी एक उंगली भी नहीं कटाई है।
भूपेश ने मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को भी नहीं छोड़ा और कहा कि श्रीश्री को नक्सलियों से मिलाने की इजाजत कैसे दी, अगर वे बिना अनुमति नक्सलियों से मिले हैं तो उन पर भी जनसुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। बघेल ने यह भी कहा था कि मुख्यमंत्री को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वे श्रीश्री के नक्सल संबंधी बयानों से सहमत हैं अथवा नहीं। ऐसे कई बयान हैं, जो छत्तीसगढ़ की राजनीति को नई दिशा दी है, भूपेश बघेल की इस अमर्यादित भाषा ने कांग्रेस के लिए मुश्किलें तो खड़ी कीं, साथ ही कांग्रेस की सीटें भी कम करने वाली साबित होगी।