एमएसपी के बाद गन्ना किसानों को एक और तोहफा देगी मोदी सरकार

बिजनेस डेस्क, १८ जुलाई। फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि के बाद सरकार अब किसानों को एक और तोहफा देने की तैयारी कर रही है। केंद्रीय मंत्रिमंडल आज की बैठक में अगले गन्ना पेराई सत्र के लिए गन्ने का उचित एवं लाभकारी मूल्य २० रुपए बढ़ाकर २७५ रुपए प्रति क्विंटल तय कर सकता है।
खरीफ फसलों पर बढ़ाया रूस्क्क
सूत्रों ने बताया कि आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) की आज बैठक होगी जिसमें चीनी विपणन वर्ष अक्तूबर-सितंबर २०१८-१९ के लिए गन्ने का उचित और लाभकारी मूल्य (एफआरपी) तय करने के प्रस्ताव पर विचार किए जाने की संभावना है। सरकार ने हाल ही में धान सहित खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में भारी वृद्धि करने की घोषणा की। चीनी सत्र २०१७-१८ के लिए यह न्यूनतम मूल्य २५५ रुपए प्रति क्विंटल है। वर्तमान में, एफआरपी मूल्य चीनी प्राप्ति की ९.५ फीसदी की बुनियादी प्राप्ति दर (रिकवरी रेट) से संबद्ध है। सूत्रों ने कहा कि चीनी की बुनियादी प्राप्ति दर (रिकवरी रेट) को १० फीसदी तक बढ़ाया जा सकता है। उत्तर प्रदेश जैसे राज्य केंद्र द्वारा गन्ने का राज्य परामर्श मूल्य भी घोषित किया जाता है जो केंद्र द्वारा तय भाव से ऊपर रहता है।
चीनी का होगा रिकॉर्ड उत्पादन
चीनी उद्योग के प्रमुख संगठन भारतीय चीनी मिल संघ (इस्मा) के अनुसार, अक्टूबर में शुरु होने वाले अगले विपणन वर्ष में भारत का चीनी उत्पादन १० प्रतिशत बढ़कर ३.५५ करोड़ टन के नए रिकॉर्ड को छू जाने का अनुमान है। जिस अनुमान की वजह सामान्य बारिश रहने की वजह से गन्ने के उत्पादन बढऩे की संभावना है। ब्राजील के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चीनी उत्पादक देश, भारत में चीनी उत्पादन विपणन वर्ष २०१७-१८ (अक्टूबर-सितंबर) में भी रिकॉर्ड तीन करोड़ २२.५ लाख टन होने का अनुमान है।