डॉ. रमन सिंह को चौथा मौका तय …

विशेष रिपोर्ट
विजय कुमार दास
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह आत्मविश्वास से लबरेज है। आत्मविश्वास भरे होने के दो कारण है पहला कारण तो यह है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में चौथी बार छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार बनेगी। इस बात का उन्हें अटूट विश्वास है। और दूसरा कारण यह है कि डॉ.रमन सिंह के नेतृत्व वाली छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार ने चौदह साल छह महीने में लगभग 1400 बड़ी-छोटी योजनाओं को आम जनता तक कुछ इस तरह पहुंचाया है कि विकास के मायने हर गरीब से लेकर अमीर आदमी तक समझ में आ गया है। इसी के चलते डॉ. रमन सिंह की विकास एवं जनआशीर्वाद यात्रा विश्वास एवं भरोसे के जन सैलाब के साथ सफलता अर्जित करने में अन्य राजनैतिक दल कांग्रेस एवं छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस की तुलना में 100 गुणा आगे रमन सिंह को ले जाकर खड़ी हो गयी है। राष्ट्रीय हिन्दी मेल के इस प्रतिनिधि ने आज मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से एक संक्षिप्त मुलाकात में यह जानने की कोशिश की कि डॉ. रमन सिंह को छत्तीसगढ़ की जनता चौथी बार मुख्यमंत्री बनने का मौका क्यों दें तो उन्होंने संकेत संकेत में स्पष्ट कहा कि जब भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी , भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का विश्वास उनके ऊपर है और जनता ने भरपूर समर्थन एवं आशीर्वाद विकास यात्रा के दौरान उन्हें दिया है तो फिर चौथी बार भाजपा की सरकार बनाने से छत्तीसगढ़ में उन्हें कोई नहीं रोक सकता। डॉ. रमन सिंह की इसी विश्वास को लेकर जब इस प्रतिनिधि ने कई जिलों में उनके द्वारा योजनाओं को लेकर गैर राजनीतिक प्रतिनिधियों से तथा प्रशासन के कुछ जिम्मेदार लोगों से बात की तो पता चला कि डॉ. रमन सिंह चौथी पारी के लिए छत्तीसगढ़ की जनता के भारी समर्थन के हकदार है। लोगों ने यहां तक कहा कि कांग्रेस के प्रभारी पी.एल. पुनिया ने स्वयं ही कांग्रेस के नेताओं को इतने गुटों में बांट दिया है कि अब कांग्रेस के प्रति बेहतर वातावरण बनाने के लिए जनता तैयार नहीं है। लोगों ने कहा कि कांग्रेस के पास 2018 का विधानसभा चुनाव आखिरी मौका है। यदि इस कांग्रेस सत्ता में नहीं आती तो उन्हें 10 साल और वनवास झेलना पड़ेगा। रहा सवाल छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस के नेता पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की करामात का तो उनके बारे में लोगों का कहना है कि वे दूसरी बार मुख्यमंत्री बनने का तलाश रहे हैं लेकिन उनका यह सपना पूरा इसलिए नहीं होगा क्योंकि उनके दल की स्थिति अभी तक कांग्रेस के या भाजपा के वोट काटने तथा छत्तीसगढ़ में सतनामी समाज के बहुतायत समर्थन प्राप्त करने के अलावा कुछ भी नहीं हो पाया है। ऐसी स्थिति में यदि अजीत जोगी और उनके बेटे अमित जोगी पूरी ताकत से 2018 का विधानसभा चुनाव लोकप्रिय राजनैतिक पार्टी के घोषणा पत्र के आधार पर लड़ेंगे तो भी 6 से 8 विधानसभा क्षेत्र में ही अच्छा प्रदर्शन कर पाएंगे। कितनी सीटों पर जीतेंगे यह समय बताएगा परंतु अजीत जोगी की दृढ़ इच्छा शक्ति के कायल उनके कार्यकर्ता निराश नहीं है और यह खबर डॉ. रमन सिंह के लिए खुशखबरी की तरह है।