मंत्री, कलेक्टर और समाजसेवी दिखे शिक्षक की भूमिका में मंत्री में

रायसेन, 1 सितम्बर। स्कूली बच्चों की ज्ञानवर्धक पुस्तकें पढऩे में रूचि जगाने तथा उनके व्यक्तित्व के विकास के लिए शुरू किए गए मिल-बांचे मध्यप्रदेश अभियान के अंतर्गत पर्यटन  मंत्री सुरेन्द्र पटवा, कलेक्टर श्रीमती एस प्रिया मिश्रा  सहित अनेक अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने रायसेन जिले के स्कूलों में पहुंचकर छात्रों के साथ संवाद किया। पर्यटन मंत्री सुरेन्द्र पटवा ने सुल्तानपुर स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में बच्चों को पढ़ाया तथा उनसे संवाद किया। पर्यटन मंत्री श्री पटवा ने उन्होंने छात्रों से कहा कि आत्मविश्वास जीवन में सफलता प्राप्त करने का एक शक्तिशाली मंत्र है। अगर लक्ष्य तय कर लें और उसे पाने के लिए मन लगाकर कड़ी मेहनत करें तो निश्चित ही सफलता मिलेगी। उन्होंने छात्र-छात्राओं से कहा कि आप सभी सक्षम हैं और जो आप चाहते हो वह बन सकते हो। उन्होंने प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को सम्मानित भी किया।परिश्रम ही सफलता की कुंजी हैमिल-बांचे कार्यक्रम में कलेक्टर श्रीमती एस प्रिया मिश्रा ने सांची जनपद के ग्राम आमखेड़ा शासकीय  स्कूल के बच्चों को शिक्षा का महत्व बताते हुए कहा कि आगे बढऩे के लिए पढऩा बहुत जरूरी है और सभी छात्रों को पढ़ाई पूरे मन से करना चाहिए। उन्होंने बच्चों से कहा कि परिश्रम ही सफलता की कुंजी है। कलेक्टर ने बच्चों से कहा कि कई छोटी-छोटी अच्छी आदतें जीवन में बहुत महत्वपूर्ण होती हैं। उन्होंने बच्चों से कहा कि वे जो भी काम करें पूरे मनोयोग से करें। अपने शिक्षकों, माता-पिता और सभी बड़ों का कहना मानना चाहिए, उनका आदर करना चाहिए। उन्होंने बच्चों से रोज स्कूल आने और घर पर भी नियमित पढ़ाई करने के लिए कहा। कलेक्टर श्रीमती एस प्रिया मिश्रा ने स्कूल परिसर में वृक्षारोपण करते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी आरपी सेन, डीपीसी विजय नेमा सहित स्कूली शिक्षक मौजूद थे।   जिले में 3962 वालेंटियर्स ने पढ़ाया बच्चों कोजिले में मिल-बांचे कार्यक्रम के अंतर्गत जिले के 2499 प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं में कुल 3962 वालेंटियर्स द्वारा बच्चों को पढ़ाया गया। जिनमें 959 जनप्रतिनिधि, 457 शासकीय सेवक तथा 2749 अन्य समस्त वालेंटियर्स शामिल हैं। जिले के बाड़ी विकासखण्ड के 401 स्कूलों में 494 वालेंटियर्स ने, बेगमगंज विकासखण्ड के 298 स्कूलों में 473 वालेंटियर्स ने, गैरतगंज विकासखण्ड के 281 स्कूलों में 325 वालेंटियर्स ने, औबेदुल्लागंज विकासखण्ड के 404 स्कूलों में 881 वालेंटियर्स ने, सांची विकासखण्ड के 441 स्कूलों में 574 वालेंटियर्स ने, सिलवानी विकासखण्ड के 379 स्कूलों में 704 वालेंटियर्स ने तथा उदयपुरा विकासखण्ड के 295 स्कूलों में 511 वालेंटियर्स ने बच्चों को पढ़ाया।